आगरा में दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट की शोध छात्रा नेहा शर्मा की हत्या के मामले में अगली सुनवाई 22 जनवरी को होगी। अभियोजन और बचाव पक्ष में शनिवार को कोर्ट में बहस हुई।
मुद्दा स्वतंत्र अभियोजक की नियुक्ति का है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने अगली तारीख दे दी। पिछली तारीख पर नेहा शर्मा के पिता रक्षपाल शर्मा ने प्रार्थना पत्र दिया था।
इसमें याचना की गई थी कि उनके व्यक्तिगत अधिवक्ता के अतिरिक्त पैरवी के लिए स्वतंत्र अभियोजक की नियुक्ति भी की जाए। इस पर मुख्य आरोपी उदयस्वरूप की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने विरोध किया था।
उनका तर्क था कि अभियोजन की ओर से सीबीआई के अधिवक्ता, कोर्ट के एडीजीसी एवं अधिवक्ता सुखवीर सिंह चौहान व अरविन्द शर्मा पैरवी कर रहे हैं।
सवाल किया कि ऐसी स्थिति में स्वतंत्र अभियोजक की आवश्यकता क्या है? इसी मुद्दे पर शनिवार को दोनों पक्षों में बहस हुई। दोनों ने दलील पेश कीं।
वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता सुखवीर सिंह चौहान, अरविन्द शर्मा और अभियुक्त की ओर से सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता गजेंद्र सिंह, आगरा के अधिवक्ता सुनील कुमार व सुब्रत मेहरा ने काफी देर बहस की। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर जिला जज अनमोल पाल ने आदेश के लिए 22 जनवरी नियत कर दी।
दो साल पहले दाखिल हुई थी चार्जशीट
नेहा शर्मा की हत्या 15 जनवरी, 2013 को हुई थी। इस वारदात की जांच पहले स्थानीय पुलिस ने की। इसके बाद सीबीआई ने की।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने लंबी जांच पड़ताल के बाद 22 जनवरी, 2016 को कोर्ट में 480 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी थी। अब अगली सुनवाई को पूरे दो साल हो जाएंगे।