सिटी जोन में पीड़ित थानों पर कम और अधिकारियों के कार्यालय ज्यादा जाते हैं। डीसीपी सिटी का कहना है कि जनसुनवाई में पीड़ित के सामने ही यह तय होना चाहिए कि क्या कार्रवाई होगी। थाना प्रभारी पीड़ितों से आमना-सामने करने से घबरा रहे हैं। ऑनलाइन जनसुनवाई को फेल करने के लिए लिंक से नहीं जुड़ते हैं। बृहस्पतिवार को एक दर्जन थाना प्रभारी गायब थे। उनके थाने से कोई दूसरा पुलिस अधिकारी भी ऑनलाइन जनसुनवाई लिंक से नहीं जुड़ा। डीसीपी ने कहा है कि जिन थानेदारों को जवाबदेही से बचना है, उन्हें थाना छोड़ना होगा।
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