अपनों की अनदेखी और सेहत के प्रति लापरवाही के चलते बुजुर्गों में मल्टीपल बीमारी हो रही है। 70 फीसदी बुजुर्गों में हाइपरटेंशन, अवसाद, मधुमेह की दिक्कत मिल रही है। हर पांचवें बुजुर्ग को लकवा और कार्डियक अरेस्ट अपनी चपेट में ले रहा है। तीन दिवसीय जेसीकॉन-2025 के पहले दिन चिकित्सकों ने इस पर चिंता जताई।
आगरा के माल रोड स्थित जीरियाट्रिक सोसाइटी ऑफ इंडिया (जीएसआई) की ओर से यह आयोजन किया गया। विशेषज्ञों ने डॉक्टरों को भी बुजुर्गों के इलाज का प्रशिक्षण दिया। आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ. सुनील बंसल ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ बेहतर देखभाल न होने और अनदेखी से बुजुर्गों में बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। 60 साल से अधिक उम्र के करीब 70 फीसदी बुजुर्गों में हाइपरटेंशन, मधुमेह, अवसाद, ऑस्टियोपोरोसिस की परेशानी मिल रही है।
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इलाज में देरी और नियमित दवाएं नहीं मिलने से लकवा और कार्डियक अरेस्ट के मामले भी बढ़ रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि बढ़ती उम्र में डिमेंशिया, थॉयरायड, अस्थमा, सांस रोग और मांसपेशियों की कमजोरी (सार्काेपीनिया) की परेशानी भी तेजी से बढ़ रही है। सार्काेपीनिया के चलते बुजुर्ग चलते-चलते, शौचालय जाते वक्त गिरने से चुटैल हो रहे हैं।
सचिव डॉ. कैलाश विश्वानी ने बताया कि संस्था के 15 विशेषज्ञों ने बुजुर्गों की बीमारियों पर छह महीने अध्ययन कर बचाव के लिए गाइडलाइन भी जारी की है। अध्यक्षता पद्मश्री डॉ. डीके हाजरा और डॉ. ओपी यादव ने किया। कार्यक्रम में डॉ. आशीष गौतम, डॉ. प्रभात अग्रवाल, डॉ. रमेश धमीजा, डॉ. अशोक शिरोमणि, डॉ. अजित चाहर, डॉ. शुभम जैन आदि ने भी व्याख्यान दिए।