भारत-पाकिस्तान में बढ़ रही दूरियों को कम करने और लोगों के बीच मुहब्बत बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बुद्धिजीवी एक मंच पर आएंगे। आगरा में 17 और 18 अक्टूबर को होने वाले इस सम्मेलन में इनके अलावा अफगानिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, बांग्लादेश और चीन के बुद्धिजीवी भी शिरकत करेंगे।
वजीरपुरा स्थित गायत्री पब्लिक स्कूल में फोकलोर रिसर्च एकेडमी अमृतसर के संरक्षक पुष्पेंद्र शर्मा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 1947 की घटना को भुलाया नहीं जा सकता। दोनों देशों के लिए यह मुश्किल की घड़ी थी। दस लाख लोग मारे गए। 80 लाख से भी अधिक लोगों को इधर-उधर जाना पड़ा। मगर, आज तक भारत और पाकिस्तान की सरकारों ने उनके नाम से एक ईंट तक नहीं लगवाई। फोकलोर ने ऐसे लोगों के नाम से बाघा बार्डर पर स्मारक बनवाया है। एकेडमी के अध्यक्ष रमेश यादव ने कहा कि दोनों देशों के लोग एक-दूसरे से दोस्ताना रिश्ता रखना चाहते हैं। पाकिस्तान के कई प्रदेश और शहर ऐसे हैं, जहां आज भी महात्मा गांधीजी को पसंद किया जाता है। सम्मेलन में ‘निर्मला देशपांडे साउथ एशिया पीस एंड जस्टिस एवार्ड’ भारत और पाक के एक-एक व्यक्ति को दिया जाएगा। इस दौरान राजीव सक्सेना, डा. शिवानी चतुर्वेदी, डा. आनंद राय, अनिल शर्मा आदि उपस्थित रहे।