शहर के हजारों लोग इस बार अष्टमी और नवमी पर कन्याओं के पूजन के बाद दी जाने वाली भेंट प्रधानमंत्री राहत कोष में देंगे। मऊ मार्ग स्थित कालिंदीपुरम के कुछ परिवारों से शुरू की गई मुहिम शहर की तमाम कॉलोनियों और अपार्टमेंट के लोगों के लिए नजीर बन गई है।
कॉलोनियों और अपार्टमेंट में रहने वाले परिवारों ने भी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री राहत कोष में धनराशि देने की घोषणा कर दी। इस दौरान काफी लोगों को कोष में रकम भेजने की पूरी जानकारी नहीं होने की बात कही।
कालिंदीपुरम, मऊ रोड निवासी शिवानी अग्रवाल ने बताया कि हमारी कॉलोनी में अधिकांश परिवारों ने इस बार कन्याओं को पूजन के बाद दी जाने वाली भेंट प्रधानमंत्री राहत कोष में भेजने का फैसला लिया है।
हम काफी दिनों से सोच रहे थे कि इस बार अष्टमी और नवमी पर धनराशि किसे देंगे। कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई में इससे बेहतर विकल्प कोई दूसरा नहीं है। - श्वेता शर्मा
सरला बाग, दयालबाग निवासी अनीता ने बताया कि मैंने भी प्रधानमंत्री राहत कोष में वह धनराशि देने का निर्णय किया है, जो धनराशि कन्या पूजन के बाद कन्याओं को देते हैं।
पूजा सामग्री मिलने में इस बार थोड़ी दिक्कत हुई। कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही जंग में प्रधानमंत्री राहत कोष में धनराशि देंगे। - निधि
राधा नगर पैलेस
इस बार यह चिंता सता रही थी कि कन्या लांगुर का पूजन कैसे करेंगे। प्रधानमंत्री राहत कोष में धनराशि देने से अच्छा इस समय कुछ नहीं है। - अर्णिमा
पूरी जिंदगी में पहले बार ऐसा नजारा दिखेगा, जब अष्टमी पर मंदिरों के घंटे शांत रहेंगे। कोरोना वायरस के खिलाफ चल रही लड़ाई में यह जरूरी है। - प्रीति
मैया की मर्जी से इस बार प्रधानमंत्री राहत कोष में सहायता राशि भेजने का फैसला लिया है। इससे बड़ा पूजन कोई दूसरा नहीं हो सकता। - प्रिया शर्मा
अष्टमी पर इस बार कहीं भी लाल चुनरी नहीं मिलने से परेशानी रही। जीवन में पहली बार ऐसा हुआ जब बाजार बंदी के कारण चुनरी नहीं मिल सकी। - पूजा
हमने कभी भी ऐसा माहौल नहीं देखा। मैया भक्त जरूर कोरोना वायरस से लोगों को मुक्ति दिलाएंगी। पूजन भेंट का पैसा प्रधानमंत्री राहत कोष में पैसा देंगे। - दीपा
प्रधानमंत्री राहत कोश में हमारे परिवार ने कन्याओं को पूजने के बाद दी जाने वाली धनराशि भेजने का फैसला लिया है। यह समय की सबसे बड़ी जरूरत है। - शैलेंद्र जुरैल
मंदिरों के बाहर इस बार मैया भक्तों की लाइन नहीं दिखाई देगी। मंदिरों के बाहर लगने वाली पूजा सामग्री की दुकानों पर भी ताले दिखेंगे। कोरोना वायरस से लड़ाई जारी रहेगी। - एकता डुमरा
मैया की चुनरी नहीं मिलने से काफी परेशानी हुई। हर बार सिर पर मैया की चुनरी रख आरती करते थे। इस बार पुरानी चुनरी ओढ़कर ही आरती करेंगे। - मनीष डुमरा