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परंपरागत तरीके से भक्त नहीं मना सके अष्टमी

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01एमएनपी-15-शीतला देवी मंदिर में पसरा सन्नाटा - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। नवरात्र की अष्टमी पर भी जिले के मंदिरों में सन्नाटा दिखाई दिया। माता के भक्त परंपरागत तरीके से अष्टमी को भी नहीं मना सके। लॉकडाउन के कारण भक्तों को घरों पर ही पूजा-पाठ करना पड़ा।
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नवरात्र की अष्टमी का भक्तों के लिए बहुत बड़ा महत्व है। अधिकतर भक्त इस दिन अपना व्रत खोलते हैं और पूजा पाठ के साथ दान-पुण्य का कार्य करते हैं। लेकिन बुधवार को अष्टमी पर भक्तों को परंपरागत तरीके से भक्ति करने का भी अवसर नहीं मिला। व्रत के आठवें दिन माता महागौरी की पूजा-अर्चना के लिए मंदिरों में नहीं पहुंच सके। इस दौरान पूरी तरह से लॉकडाउन का पालन किया गया। माता की प्रतिमा के सामने भोग लगाते हुए व्रत खोला। घरों में आरती आदि का आयोजन करते हुए प्रसाद वितरित किया गया।
कन्या भोज में नहीं भेजा
अष्टमी पर कन्या भोजन की परंपरा है लेकिन जिले में कोरोना वायरस के भय और लॉकडाउन के कारण अधिकतर लोगों ने कन्या भोज का कार्यक्रम नहीं किया। कुछ लोगों ने किया भी लेकिन यहां कन्याएं नहीं पहुंचीं। लोगों ने कन्याओं को कन्या भोज में नहीं भेजा।
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पुलिसबल रहा तैनात
अष्टमी को लेकर पुलिस प्रशासन ने किसी प्रकार की छूट नहीं दी। नगर के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर, कालीदेवी मंदिर, मां दुर्गा मंदिर आदि पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिसबल तैनात रहा।
पहली बार नहीं चढ़े नेजा
शहर के प्रसिद्ध शीतला देवी मंदिर पर नवरात्र में हजारो नेजे चढ़ते थे। लेकिन जिले के इतिहास में पहली बार ऐसा देखने को मिला कि माता के मंदिर में एक भी नेजा न चढ़ा हो। यहां केवल पुजारियों ने ही माता का अभिषेक करते हुए पूजा-अर्चना की।
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