औटा अध्यक्ष से वार्ता के बाद नेशनल पीजी कॉलेज के शिक्षकों ने धरना किया समाप्त
- प्रबंध समिति ने मानी शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की मांगें
संवाद न्यूज एजेंसी
भोगांव। नेशनल पीजी कॉलेज में वेतन बिल को लेकर शिक्षकों और प्रबंध समिति के बीच चल रहा विवाद शुक्रवार की देर शाम समाप्त हो गया। आगरा से पहुंचे औटा के अध्यक्ष और महामंत्री ने प्रबंध समिति के साथ वार्ता की। वार्ता के बाद शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की मांगें मान ली गईं। इसके बाद कॉलेज के शिक्षक संघ और शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों चल रहे अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन को समाप्त करने की घोषणा कर दी।
नेशनल पीजी कॉलेज भोगांव के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने वेतन बिल पर हस्तक्षर न किए जाने पर शुक्रवार से अनिश्चित काॅलीन धरना शुरू कर दिया। दोपहर के समय आगरा विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (औटा) के अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र सिंह, महामंत्री डॉ. संजय मिश्रा और डाॅ. दिग्विजय सिंह धरना को समर्थन के लिए पहुंचे। औटा अध्यक्ष ने कॉलेज शिक्षक संघ और शिक्षणेत्तर कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के साथ धरना प्रदर्शन पर पहुंचकर मुलाकात की उनकी समस्याएं सुनीं। औटा अध्यक्ष ने कहा कि वेतन शिक्षकों का अधिकारी है उससे कोई नहीं रोक सकता।
औटा ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी। इसके बाद औटा अध्यक्ष ने देर शाम प्रबंध समिति के अध्यक्ष और सचिव के साथ वार्ता की। करीब दो घंटे तक औटा पदाधिकारियों की प्रबंध समिति के साथ वार्ता चली इसके बाद प्रबंध समिति शिक्षकों की मांगों को मानने के लिए तैयार हो गई। डॉ. कौशलेंद्र दीक्षित ने बताया कि औटा अध्यक्ष की वार्ता में शिक्षकों और कर्मचारियों की समस्याओं पर सहमति बन गई है। इसके बाद धरना कार्यक्रम समाप्त किया जाता है।
इस अवसर पर डॉ. फतेह सिंह, विनय कुमार, विशाल यादव, प्रो. एके पाल, डॉ. एमके आनंद, प्रो. एसके निमेष, असीम यादव, रनवीर सिंह, काजल कश्यप आदि मौजूद रहे।