डॉ. निहारिका मल्होत्रा
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लगभग 20 साल पहले डॉ. जयदीप और डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा ने ‘बेटी बचाओ’ की अलख जगाई। क्लीनिक पर गर्भवती महिलाओं के साथ आने वाले परिवारों को समझाना शुरू किया कि बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं है। जरूरत महसूस होने पर चिकित्सक दंपती ने मुहिम को आगे बढ़ाया।
वर्ष 2008 में डॉ. नरेंद्र मल्होत्रा देश में स्त्री रोग विशेषज्ञों के संगठन फेडरेशन ऑफ ऑब्सटेट्रिकल एंड गायनेकोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया (फॉग्सी) के अध्यक्ष बने तो उन्होंने बेटी बचाओ का नारा दिया।
बेटियों के हक में आवाज बुलंद करने के लिए कन्याकुमारी तक भारत यात्रा निकाली। देश के कई हिस्सों से गांवों में बेटियों और महिलाओं के स्वास्थ्य की जानकारी हासिल की। इस रिपोर्ट को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को सौंपा।
फॉग्सी अध्यक्ष के पद पर काबिज रहते हुए ही डॉ. नरेंद्र ने आगरा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ नाम से मुहिम को आगे बढ़ाया। हर साल बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की रैली के साथ नए साल की शुरूआत की जाने लगी। ताकि इस अभियान की लौ जलती रहे।