शब-ए-बरात पर बृहस्पतिवार को घरों में ही इबादत करके मुल्क में अमन ओ अमान और कोरोना के खात्मे की दुआ मांगी। मगरिब की नमाज के बाद ही लोग घरों में इबादत करने में लग गए। शुक्रवार को रोजा रखेंगे।
इस दफा मस्जिदों और कब्रिस्तानों में कोई कार्यक्रम नहीं हुआ। मगरिब की नमाज के बाद घरों में बुजुर्ग अलग कमरों में बंद होकर इबादत में मशगूल हो गए। नफिल नमाज, कुरान की तिलावत, तस्वीह और जिक्र व अजकार का दौर शुरू हो गया।
इसके बाद गुनाहों की तौबा कर ली। मुल्क में अमानोअमान, सेहतयाबी और कोरोना के खात्मे की दुआ मांगी गई। कब्रिस्तानों के आसपास रहने वाले मुसलमान जरूर कब्रों तक पहुंचे मगर अगरबत्ती जलाकर लौट आए। इबादत घरों में जाकर ही की। मस्जिदों में मुतवल्ली व इमामों ने ही दुआ पढ़ी। बाहरी लोगों को प्रवेश नहीं दिया गया।