मैनपुरी। खेतों की सिंचाई के लिए टेल तक पानी पहुंचाने की कवायद शुरू हो गई है। जिले में कई माइनरों और रजबाहोें की अधूरी सफाई के चलते टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। विभाग ने ऐसे रजबाहा और माइनर चिह्नित किए हैं, जिनकी सफाई सही तरीके से नहीं हुई है। अब इनकी सही तरीके से सफाई कराई जाएगी।
अधिकांश किसान खेतों की सिंचाई के लिए रजबाह और माइनर पर ही निर्भर रहते हैं। एक साल पहले नहर विभाग ने इनकी सफाई कराई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदारों की मनमानी के चलते सफाई कार्य ठीक से नहीं किया गया। टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सिंचाई करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। मजबूरन किसानों को निजी संसाधनों का सहारा लेना पड़ता है। निजी संसाधनों का प्रयोग करने से किसानों की फसल की लागत पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। दूसरी ओर रजबाहों और माइनरों की सफाई नहीं होने से इनमें पानी छोड़े जाने पर ओवरफ्लो होने पर कई बार खंदी लग जाती है। इससे फसलों को नुकसान होता है। आधी अधूरी सफाई वाले 43 रजबाहा और माइनर चिह्नित अधूरी सफाई वाले माइनर और रजबाहों को चिह्नित किया गया है। 43 माइनर और रजबाहा ऐसे पाए गए है, जिनमें सफाई अधूरी मिली। अब इनकी एक बार फिर सही तरीके से सफाई कराई जाएगी।
19.36 लाख हुआ था खर्च
वर्ष 2019 में माइनरों और रजबाहों की सफाई पर 19.36 लाख रुपये खर्च हुए थे। निरीक्षण नहीं होने से ठेकेदार ने लापरवाही बरती।
डीएम जता चुके नाराजगी
मुख्यमंत्री की वरीयता वाली योजनाओं की समीक्षा बैठक में डीएम महेंद्र बहादुर सिंह टेल तक पानी नहीं पहुंचने पर नाराजगी जता चुके हैं। डीएम ने हिदायत दी है हर हाल में समस्या दूर हो, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
टेल तक पानी पहुंचाना जरूरी
सिंचाई के लिए माइनरों और रजबाहों की प्रमुख भूमिका है। ठेकेदार और कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट किया जाता है। किसानों की राहत के लिए टेल तक पानी पहुंचाना जरूरी है। इसके लिए सही तरीके से सफाई की जानी चाहिए।
तिलक सिंह राजपूत, अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन
योजना बनाकर होगी सफाई
किसानों की सुविधा के लिए रजबाहों और माइनरों की सफाई कराई गई है। टेल तक पानी पहुंचे इसके लिए प्रयास भी किए गए हैं। जिन माइनरों और रजबाहों की सही तरीके से सफाई नहीं हुई है। योजना बनाकर पूरी तरह से उन्हें साफ कराया जाएगा।
गोपाल, अधिशासी अभियंता नहर