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फर्जीवाड़ाः डूडा ने बनाए ढाई लाख में मकान, नगर निगम ने केवल शौचालय बनाने में खर्च किए नौ लाख

Wed, 20 Nov 2019 07:38 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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नगर निगम ने केवल शौचालय बनाने में खर्च किए नौ लाख - फोटो : अमर उजाला
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स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 हजार रुपये में घर-घर, गांव-गांव टॉयलेट बनाए गए हैं, डूडा ने टॉयलेट और किचन सहित 2.5-2.5 लाख में मकान बनाए हैं, जबकि नगर निगम ने 9.75 लाख रुपये में टॉयलेट और 9 लाख रुपये में यूरिनल बनाया है।
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शाहगंज के राजनगर वार्ड में टॉयलेट पर ही नहीं, बल्कि गार्ड के कमरे में ढाई लाख रुपये के टाइल्स का खर्च दिखाया गया है। शिकायत मिलने पर मेयर नवीन जैन ने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं।

डूडा स्वच्छ भारत मिशन में 12 हजार रुपये में एक सीट का टॉयलेट बनवा रही है। इसमें गड्ढा, दीवारें, दरवाजा, टॉयलेट सिरेमिक सीट, पानी का कनेक्शन और लेबर शामिल है। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम ने राज नगर में जो टॉयलेट बनवाया, वह दो सीटर, 9.75 लाख रुपये में बना है।
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मकान - फोटो : अमर उजाला
राज नगर में ही दो सीटर यूरिनल 9 लाख का तैयार कराया है। इसमें न तो दरवाजे हैं और न ही महंगी टोंटियां उपयोग की गई हैं। क्षेत्रीय पार्षद बंटी माहौर ने इस फर्जीवाड़े पर आपत्ति दर्ज कराई है।

नगर निगम के अफसरों का फर्जीवाड़ा इस कदर है कि केवल 9×9 फीट के गार्ड रूम में ढाई लाख रुपये के टाइल्स लगा दिए। राज नगर वार्ड में आईडीएच में निगम के स्टोर के गार्ड रूम की मरम्मत के नाम पर पुरानी दीवार पर पेंट हटाए बिना ही टाइल्स लगाने का खर्च यही दिखाया गया है।

प्रधानमंत्री शहरी और ग्रामीण आवास योजना के तहत भारत सरकार 2.50 लाख रुपये में मकान बनाकर दे रही है। इसमें एक कमरा, किचन, टॉयलेट शामिल है। डूडा के जरिए शहर में और सीडीओ के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास के जरिए लोगों को छत दी जा रही है।

 

एक्सपर्ट की राय : टाइल्स पर 25 हजार से ज्यादा खर्च नहीं
भवन निर्माण से जुड़े इंजीनियर विशाल मल्होत्रा के मुताबिक 9×9 फीट के गार्ड रूम में ज्यादा से ज्यादा 300 फीट टाइल्स ही लगाई जा सकती हैं। बाजार में 40 रुपये प्रति वर्ग फीट के दाम में ब्रांडेड कंपनी के सिरेमिक टाइल्स मिल रहे हैं।

इस तरह 12 हजार रुपये के टाइल्स और मजदूर व सीमेंट मिलाकर 12 हजार रुपये भी जोड़ लें तो पूरे कमरे का खर्च 25 हजार से ज्यादा नहीं है। हालांकि जो टाइल्स गार्ड रूम में लगे हैं, उनकी कीमत 20 से 25 रुपये के बीच है।

एक लाख रुपये में सरकारी क्वार्टर की पुताई
राज नगर में ही नगर निगम के सरकारी क्वार्टर की रंगाई-पुताई का खर्च एक लाख रुपये दिखाया गया है। 99,800 रुपये में छोटे से क्वार्टर का पेंट का खर्च दिखाकर भुगतान कराया गया, जबकि 200 वर्ग गज के मकान में दो बार की पुट्टी, इनेमल और एक्सटीरियर पेंट लगाने पर पुताई का खर्च एक लाख रुपये आता है। पार्षद का आरोप है कि यहां साधारण पेंट एक बार करके निगम को चूना लगाया गया है।
 
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स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए जांच
नगर निगम के अधिकारी ठेकेदारों के साथ मिलकर निर्माण कार्य में गड़बड़ी कर रहे हैं। 9 लाख के टॉयलेट और ढाई लाख के टाइल्स इस बात के सबूत हैं कि निगम के खजाने को लूटा जा रहा है। इसकी जांच नगर निगम नहीं, बल्कि स्वतंत्र जांच एजेंसी से कराई जाए। जिन अधिकारियों ने एस्टीमेट बनाए और पास किए, उन पर एफआईआर होनी चाहिए। -बंटी माहौर, पार्षद राज नगर

टॉयलेट और टाइल्स का यह मामला पार्षद ने बताया है। मैंने इसकी जांच चीफ इंजीनियर को सौंप दी है। इतना एस्टीमेट बढ़ा चढ़ाकर क्यों दिखाया गया और इसकी क्या गुणवत्ता रही है। इसकी जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। चीफ इंजीनियर तय सीमा में इसी महीने जांच रिपोर्ट दाखिल करेंगे -नवीन जैन, मेयर

 
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