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Nag Panchami: शिव और सिद्ध योग में मनाया जाएगा नाग पंचमी का पर्व, भगवान भोलेनाथ की बरसेगी कृपा

Mon, 01 Aug 2022 05:52 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज

सार

श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस त्योहार का विशेष महत्व माना जाता है।
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नाग पंचमी 2022 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नाग पंचमी पर्व मंगलवार को शिव योग में मनाया जाएगा। कासगंज के गंगा घाटों पर काल सर्प दोष निवारण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए लोगों ने बाजार से चांदी के नाग, सहित अन्य पूजा सामग्री की खरीदारी की। वहीं घरों पर होने वाली पूजा को लेकर भी बाजार से कलेंडर, जौ, मिट्टी के बर्तन आदि की खरीदारी की गई। ज्योतिषाचार्य शिव योग एवं सिद्ध योग  में पड़ रही नाग पंचमी को काफी शुभ मान रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस दिन भोले नाथ एवं नाग देवता की भक्तों पर कृपा बरसेगी।

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श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस त्योहार का विशेष महत्व माना जाता है। इस पर्व के साथ ही घरों में रक्षाबंधन की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। पूजा के बाद बाहर से मिट्टी लाकर गेहूं एवं जौ की बजरियां बोई जाती हैं। इनके लिए लोगों ने पूर्व संध्या से ही अपनी तैयारियां शुरू कर दीं। 

लोगों ने खरीदे कुल्हड़ और सकोरे 

लोगों ने कुम्हारों के पास जाकर कुल्हड़ और सकोरे की खरीदारी की ताकि गेहूं व जौ की बुआई की जा सके। बाजार से लोगों ने जौ के दाने भी खरीदे। इसके साथ ही जिन लोगों की कुंडली में काल सर्प दोष का योग है उनके द्वारा इसके निवारण के लिए पंडितों-पुरोहितों से संपर्क साधकर पूजा के कार्यक्रम निर्धारित किए। 

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नाग पंचमी का महत्व

ज्योतिषाचार्य डॉ. राधाकृष्ण दीक्षित ने बताया कि नाग पंचमी का त्योहार सावन के महीने का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। नाग पंचमी पर भगवान शिव की पूजा के साथ उनके गले की शोभा बढ़ाने वाले नाग देवता की विधिवत पूजा अर्चना होती है। ऐसी मान्यता है जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष होता है, वे लोग नाग पंचमी पर नाग देवता के साथ भगवान शिव की पूजा आराधना करें।

ज्योतिषाचार्य ने बताया कि नाग पंचमी के दिन इस बार शिव एवं सिद्घ योग बन रहे हैं। जिससे पर्व का महत्व काफी बढ़ गया है। पर्व के दिन काल सर्प दोष निवारण के गंगा घाट पर कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा।
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