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UP: पपीता और कटहल गर्भवतियों को खाना चाहिए या नहीं...क्यों रोकते हैं बुजुर्ग; जानें डॉक्टर की राय

Mon, 20 Jul 2026 09:21 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं के खान-पान को लेकर कई तरह के अंधविश्वास प्रचलित हैं। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि पका पपीता और संतुलित मात्रा में कटहल खाना सुरक्षित है, जबकि कच्चे और अधपके फलों से बचने की सलाह दी गई है।
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गर्भावस्था - फोटो : Freepik.com
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विस्तार
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 ग्रामीण इलाकों में गर्भावस्था और प्रसव के बाद खान-पान को लेकर कई तरह के अंधविश्वास हावी हैं। अक्सर महिलाओं को कटहल या पपीता खाने से यह कहकर रोका जाता है कि इससे गर्भपात हो सकता है। इसी तरह, दूध में घी डालकर देने को लेकर यह भ्रम फैलाया जाता है कि इससे गर्भ में बच्चा घबरा सकता है। अंधविश्वास और वैज्ञानिक आधार से परे हैं। इन पुरानी मान्यताओं के चक्कर में गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशु को जरूरी विटामिन्स और पोषक तत्व नहीं मिल पाते, जिससे बच्चा शारीरिक रूप से कमजोर पैदा होता है।
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पपीता या कटहल खाने से नहीं होता गर्भपात: प्रो. रिचा सिंह
एसएन मेडिकल काॅलेज की स्त्री रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर रिचा सिंह ने स्पष्ट किया कि गर्भावस्था के दौरान पपीता या कटहल खाने से गर्भपात नहीं होता है, इसलिए महिलाएं इसे बिना किसी डर के आराम से खा सकती हैं।
प्रो. रिचा सिंह के मुताबिक, इन फलों को खाने से पाचन (डायजेशन) की थोड़ी-बहुत समस्या जरूर हो सकती है, लेकिन गर्भपात जैसी गंभीर स्थिति पैदा नहीं होती। हालांकि, उन्होंने सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा कि गर्भवती महिलाओं को कच्चा पपीता या अधपके फल खाने से बचना चाहिए। ऐसे फलों से पेट दर्द या उल्टी जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

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इन बातों का रखें खास ध्यान:
भ्रम दूर करें: गर्भावस्था में डॉक्टर की सलाह के अनुसार पका पपीता और संतुलित मात्रा में कटहल खाना सुरक्षित है।
पोषण जरूरी: प्रसूता महिलाओं के शरीर में ऊर्जा के लिए दूध और घी बेहद जरूरी हैं, इन्हें बंद न करें।
संतुलित आहार: जच्चा-बच्चा की अच्छी सेहत के लिए भोजन में हरी सब्जियां, दालें, फल और पर्याप्त पानी शामिल करें।


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