पीड़ित परिवार की रीता गुप्ता ने बताया कि रात करीब 12 बजे वे अपनी दुकान बंद कर घर पहुंचे थे। उस समय सड़क पर निर्माण कार्य चल रहा था। खाना खाने के बाद पूरा परिवार मकान की ऊपरी मंजिल पर सो गया। बिजली भी नहीं आ रही थी। अचानक तड़के जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। नीचे आकर देखा तो मकान का मुख्य गेट टूटकर अलग गिर चुका था और दीवारें भी चटक गई थीं। उन्होंने बताया कि धमाका इतना तेज था कि कुछ पल के लिए सभी घबरा गए और समझ नहीं पाए कि आखिर यह विस्फोट कैसे हुआ। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पूरे गांव में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
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डायल-112 से मिली सूचना, प्रभारी निरीक्षक खुद पहुंचे मौके पर
कोतवाली अलीगंज के प्रभारी निरीक्षक रूपेश वर्मा ने बताया कि पुलिस को डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही वह स्वयं पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। पड़ोसियों ने बताया कि रात्रि करीब 3 बजकर 40 मिनट पर अत्यंत तेज विस्फोट हुआ था।
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फील्ड यूनिट ने जुटाए साक्ष्य, हर पहलू से हो रही जांच
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए गए हैं। जांच के लिए फील्ड यूनिट को भी बुलाया गया है। विस्फोट का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के आधार पर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि धमाका किस कारण हुआ। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है।
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