फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ईद मुबारक : घरों में पढ़ी जाएगी चाश्त की नमाज, पहली बार सूना रहेगा ईदगाह

Mon, 25 May 2020 12:14 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • बाजार ठंडे पर चांद देखने के बाद मुबारकबाद देने सिलसिला जारी
  • सोमवार को घरों में चाश्त की नमाज अदा की जाएगी।
विज्ञापन
ईद मुबारक 2020 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

रविवार को ईद-उल-फितर के चांद का दीदार हो गया। इसके बाद से ही एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देने का सिलसिला शुरू हो गया। आगरा में सोमवार को घरों में चाश्त की नमाज अदा की जाएगी। पहली बार ईद की नमाज ईदगाह में नहीं होगी। जबकि शहर की अन्य मस्जिदों में उनके इमाम या मुतवल्ली के साथ चार और पांच लोगों को ही ईद की नमाज अदा करने की इजाजत होगी। 
विज्ञापन


रमजान उल मुबारक के तीसवें रोजे के साथ ही घरों में ईद की तैयारियां शुरू हो गईं। हालांकि इस बार लॉकडाउन के कारण घरों में रंग रोगन नहीं करवाए जा सके और न ही नए कपड़ों, जूतों और अन्य सामान की खरीदारी हुई। लेकिन तमाम दिक्कतों के बीच ईद-उल-फितर पर सेवंइयों की मिठास के साथ ही दस्तरख्वान पर परोसे जाने वाले व्यंजनों की फेहरिस्त जरूर तैयार हो गई है। 


इबादत का तोहफा है ईद उल फितर

हिंदुस्तानी बिरादरी डॉ. सिराज कुरैशी ने बताया कि एक महीने की कठिन इबादत के बाद ईद उल फितर का त्योहार तोहफे के रूप में मिला है। इसे हंसी खुशी मनाने की जरूरत है। सभी रोजेदारों की इबादत का प्रतिफल है ईद। 
विज्ञापन

एतकाफ से उठे रोजेदार

मस्जिदों और घरों में एतकाफ (एकांतवास) की 10 दिन की इबादत पर बैठे रोजेदार भी रविवार को चांद दिखाई देने के बाद बाहर आए। एतकाफ पूरा होने पर तबर्रुक बांटकर खुशी जाहिर की गई। 

कुछ दुकानें खुली तो हुई खरीददारी 

रविवार को लॉकडाउन में सख्ती के बाद भी कुछ इलाकों में दुकानें खुली थीं, वहां से दूध और अन्य खाद्य सामग्री की खरीददारी की गई। रविवार सुबह बाजारों में चहल-पहल रही। 

मंटोला बाजार कमेटी के अध्यक्ष अदनान कुरैशी ने बताया कि मुस्लिम इलाकों में ईद पर भी लॉकडाउन में कोई छूट नहीं दी गई। इसके बाद भी लोगों ने त्योहार की जरूरत के लिए छिटपुट खरीदारी की है। 
विज्ञापन

104 साल के इमामुद्दीन ने रोजे पूरे करने पर खुशी जताई

ढोलीखार, मंटोला के रहने वाले 104 साल के रोजेदार इमामुद्दीन ने रोजे पूरे होने पर खुशी जताई। कहा कि अच्छा होता कि रमजान में ही इबादत के दौरान उन्हें मौत आ जाती। मुल्क में वबा आई हुई है। हर वक्त इसे दूर करने की दुआ की है। आगे अल्लाह मालिक है। 

घरों में अदा करेंगे चाश्त की नमाज 

नायब काजी मौलाना मोहम्मद उजैर आलम ने कहा कि मुल्क के उलमा-ए-इकराम ने इस बात की इजाजत दी है कि मस्जिदों में मुख्तसर लोग ईद उल फितर की नमाज अदा करेंगे, बाकी लोग अपने घरों में सूरज निकलने के बाद चाश्त की नमाज अदा करके ईद का त्योहार मनाएंगे। ईद के मौके पर दुआ करेंगे कि अल्लाहतआला इस महीने भर की रहमत का सिला हमें इस वबा (महामारी) से निजात दिलाकर अता फरमाएं। 

घरों में परिवार के साथ ईद का आनंद लें

एडवोकेट शफीक अहमद कुरैशी ने कहा कि ईद के दौरान अति उत्साह में लॉकडाउन के उल्लंघन से बचें, घरों में रहें और परिवार के साथ ईद का आनंद लें। कोरोना के चलते हुए लॉकडाउन ने वैसे ही ईद का फजा फीका किया है पर अपनी, परिवार की और अन्य लोगों की सुरक्षा सबसे पहले है। लोगों से इल्तिजा है कि बाजार में फिजूलखर्ची न करें और इस पैसे से जरूरतमंदों की मदद करें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें