सोशल मीडिया के संदेशों पर नजर
जुमे की नमाज के दौरान सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए जिला और जोन साइबर सेल को लगाया गया था। कुछ संदेश वायरल हुए थे, लेकिन पुलिस की जांच में यह संदेश आगरा और आसपास के जिलों के नहीं निकले। ये फर्जी थे। पुलिस के पैदल मार्च के फोटो सोशल मीडिया पर डाले गए। इससे लोगों को सुरक्षा-व्यवस्था पुख्ता होने का संदेश दिया गया।
भड़काऊ संदेश पर होगी कार्रवाई
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि सेक्टर स्कीम लागू की गई थी। सोशल मीडिया पर भी नजर रखी गई। इस पर कौन क्या संदेश डाल रहा है, इसकी निगरानी की जा रही है। भड़काऊ संदेश डालने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। माहौल खराब करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मस्जिद के बाहर डटे रहे मुअज्जिज लोग
जामा मस्जिद में शांतिपूर्ण ढंग से नमाज अदा कराने के लिए हाजी जमीलउद्दीन कुरैशी, हाजी असलम कुरैशी, अमजद कुरैशी, नदीम नूर, हाजी बिलाल, अनवार पहलवान, अदनान कुरैशी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
ताजनगरी की रवायत है भाईचारा
हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डॉ. सिराज कुरैशी ने कहा कि ताजनगरी सुलहकुल की मिसाल पेश करती रही है। कानून अपना काम कर रहा है। ऐसे में विरोध-प्रदर्शन करके माहौल बिगाड़ने से कुछ हासिल नहीं होने वाला है।
सभी लोग संयम से काम लें
मोहम्मद शरीफ काले ने कहा कि भ्रामक संदेशों को देखते हुए हम लोगों को लगातार समझा रहे थे कि सोशल मीडिया पर बिल्कुल ध्यान नहीं दें, समझदारी से काम लें। जुमे की नमाज के बाद भी सभी को संयम बरतने की सलाह दी गई।