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मुस्लिम महिलाएं बोलीं, नहीं चाहिए बदलाव

Fri, 28 Oct 2016 11:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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मंटोला में तीन तलाक के मुद्दे पर जुटे मुस्लिम, ज्ञापन सौंपे - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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तीन तलाक के मुद्दे पर जुमे की नमाज के बाद मुस्लिम महिलाओं ने पहली बार विरोध प्रदर्शन करके गुस्से का इजहार किया। मंटोला स्थित मस्जिद से सदर भट्ठी चौराहे तक जुलूस निकालकर मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। दूसरी ओर, राष्ट्रीय सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमेटी की ओर से शोबिया इंटर कालेज से कलक्ट्रेट तक मार्च निकाला गया। 
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उत्तर प्रदेश मुस्लिम महापंचायत की ओर से चलाई जा रही मुहिम में जुमे की नमाज के बाद काफी संख्या में मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक के मुद्दे पर विरोध में सामने आईं। रजिया बेगम ने कहा कि मोदी अपना घर संभालें। अगर शरई कानून में कोई खामी होती तो 1400 साल से मुस्लिम समाज खुशहाली की जिंदगी नहीं बिता रहा होता। इसके बाद मार्च करती हुई महिलाएं सदर भट्ठी चौराहे पर पहुंची। यहां गुस्साए लोगों ने जाम लगा दिया। काफी देर बाद मजिस्ट्रेट के पहुंचने पर उन्हें राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें मुस्लिमों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करने की मांग की गई। मुख्य सरपंच नदीम नूर, आफताब बानो, डा. सिराज कुरैशी, इमरान कुरैशी, हाजी मंजूर समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।

दूसरी ओर, सर्वदलीय एक्शन कमेटी के अध्यक्ष हाजी जमीलउद्दीन कुरैशी ने मुस्लिम महिला, पुरुषों के साथ विरोध मार्च निकाला। वक्ताओं ने कहा कि मोदी सरकार अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाकर चुनावी फायदा उठाना चाहती है। सगीर फातिमा गर्ल्स इंटर कालेज की प्रिंसीपल डा. फरहत बानो, भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के अध्यक्ष समी आगाई, सैयद इरफान सलीम, शबनम बानो, आलिमा अनीस, सुआलिया परवीन, इमाम अब्दुल मलिक, अदनान कुरैशी, मोहम्मद शरीफ काले, सैयद मजहर अब्बास रिजवी, कदीर उद्दीन, जमा खान आदि शामिल रहे।
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गर्माया माहौल
मंटोला में थाने के नजदीक मिश्रित आबादी वाले इलाके में वक्ताओं ने भाजपा और मोदी सरकार को जमकर कोसा। उत्तेजक भाषणों के चलते काफी संख्या में दूसरे समुदाय के लोग जमा हो गए। इससे माहौल गर्मा गया। इसके बाद जुलूस को आगे बढ़ाया गया।

विरोध में भी एकजुटता नहीं
मुस्लिम संगठनों ने अलग-अलग मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। एक गुट के लोग दूसरे गुट के प्रदर्शन में भाग नहीं लेने की बात कर रहे थे। इस तरह विरोध प्रदर्शन में भी मुस्लिमों में दो फाड़ नजर आया।
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