महासभा के जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने कहा है कि महासभा आगामी 18 सितंबर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेगी, जिसमें निर्माणाधीन म्यूजियम का नाम महाराजा सूरजमल के नाम पर रखे जाने की मांग की जाएगी।
ताजमहल के पास निर्माणाधीन मुगल म्यूजियम का नाम अब छत्रपति शिवाजी के नाम पर रखा जाएगा। म्यूजियम में शिवाजी का इतिहास भी दर्ज होगा। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मंडलीय समीक्षा बैठक में पर्यटन विभाग को ये दिए। मंगलवार को अखिल भारतीय जाट महासभा ने म्यूजियम का नाम महाराजा सूरजमल के नाम पर रखने की मांग की है।
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वेब बैठक के बाद अखिल भारतीय जाट महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि जाट महासभा मुख्यमंत्री व छत्रपति शिवाजी महाराज का बेहद सम्मान करती है और जाट समाज का वीर शिवाजी और मराठाओं से कोई दुराव नहीं हो सकता।
पानीपत युद्ध में मराठाओं की पराजय के बाद हारे, थके, घायल मराठा सैनिकों को शरण, उनका इलाज, छह महीने तक उनके रहने खाने पीने की व्यवस्था महाराजा सूरजमल व महारानी किशोरी सिंह ने की थी। उन्हें अपने सैनिकों की सुरक्षा में महाराष्ट्र भेजा था। इसलिए म्यूजियम का नाम महाराजा सूरजमल के नाम पर हो।
बैठक में अखिल भारतीय जाट महासभा के जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कु. शैलराज सिंह एडवोकेट, प्रदेश उपाध्यक्ष चौ. गोपीचंद, लखपति सिंह चाहर, ओपी वर्मा, जिला उपाध्यक्ष जयप्रकाश चाहर, भूपेन्द्र सिंह राणा, डॉ. कुमरेन्द्र सिंह, जितेन्द्र सिंह चाहर व महामंत्री रामवीर नरवार पूर्व जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह वर्मा सजग व राजेन्द्र सिंह ठकुरेला, प्रेम सिंह सोलंकी क्षेत्रीय अध्यक्ष, गुलवीर सिंह, अन्जू सिंह चौधरी, दिनेश चाहर, यतेन्द्र सिंह चाहर, भूपेन्द्र सिंह इन्दोलिया आदि मौजूद थे।
महासभा के जिला अध्यक्ष कप्तान सिंह चाहर ने कहा है कि महासभा आगामी 18 सितंबर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपेगी, जिसमें निर्माणाधीन म्यूजियम का नाम महाराजा सूरजमल के नाम पर रखे जाने की मांग की जाएगी। बैठक में फैसला लिया गया कि महासभा जिले के समस्त सांसदों, विधायकों व प्रमुख गणमान्य जनों को ज्ञापन देकर म्यूजियम के समर्थन में समर्थन जुटायेगी।