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मैनपुरी: मामूली विवाद में चाचा की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर निर्मम हत्या से सनसनी

Wed, 24 Mar 2021 01:53 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मैनपुरी
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दयाराम का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद में बुधवार को मामूली बात पर एक व्यक्ति की जान ले ली गई। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। वहीं गांव में इस हत्याकांड से सनसनी मची हुई है।
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थाना क्षेत्र के गांव नगला मांझ में बुधवार सुबह भैंस लापता होने के विवाद में आरोपियों ने एक वृद्ध की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी। बचाने आए पुत्र को भी पीटा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया। चार लोगों के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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गांव नगला मांझ निवासी धर्मपाल की भैंस मंगलवार रात को कहीं चली गई थी। उन्होंने पड़ोसियों से पूछताछ की। साथ ही भैंस की काफी तलाश की। बुधवार सुबह भैंस खेत में मिल गई। सुबह करीब साढ़े सात बजे पड़ोस में रहने वाले ताले सिंह वहां आए और भैंस के लापता होने पर की गई पूछताछ पर भड़क गए। आरोप है इसके बाद ताले सिंह के बेटे पुष्पेंद्र, सचिन व चंद्रशेखर लाठी-डंडे लेकर आए और धर्मपाल के पिता दयाराम (62) को लाठी-डंडों से पीटने लगे। बीच-बचाव करने पर धर्मपाल को भी पीटा। शोर सुनकर जब पत्नी व आसपास के लोग आ गए तो आरोपी धमकी देकर भाग गए। लेकिन तब तक दयाराम की मौत हो चुकी थी। प्रभारी निरीक्षक पहलवान सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने पिता-पुत्रों पर मामला दर्ज कर लिया है। 
 
पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने के साथ ही आरोपियों की तलाश में जुटी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। मधुवन कुमार सिंह, एएसपी।
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गलतफहमी ने ले ली दयाराम की जान
गांव नगला मांझ निवासी धर्मपाल की भैंस मंगलवार रात को लापता हो गई थी। वह पिता दयाराम के साथ तलाश करने लगा। कुछ लोगों से भैंस के बारे में पूछा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस दौरान पड़ोसी ताले सिंह से भी भैंस के बारे में जानकारी ली, वहां जानकारी होने से मना कर दिया गया। परिजनों के अनुसार इसके बाद पिता-पुत्र वहां से चले गए। ताले सिंह को लगा कि शायद उस पर ही भैंस चोरी का आरोप लगाया जा रहा है।

इसी बात को लेकर वह झगड़ने के लिए दयाराम के घर पहुंच गया। वहां बात करने की जगह पुत्रों के साथ दयाराम पर लाठी डंडा से हमला कर दिया। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि अगर ताले सिंह विवाद को तूल दिए बगैर बैठकर बातचीत करते तो सारी गलतफहमी दूर हो जाती, लेकिन आरोपी पक्ष ने ऐसा नहीं किया। जरा सी गलतफहमी ने दयाराम की जान ले ली।
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