आगरा में चांदी कारोबारी की पत्नी मंजू की हत्या और लूटकांड को अंजाम देने वाला कैलाश अग्रवाल अपने तीन साथियों के साथ मनोहरपुर में छिपा था। वारदात के बाद वह घर नहीं गया था। उसकी पत्नी से पूछताछ के बाद पुलिस का शक गहराया और सीसीटीवी फुटेज से पुलिस का शक यकीन में बदल गया।
न्यू आदर्श नगर के सुनील सदन अपार्टमेंट के जिस फ्लैट में चांदी कारोबारी की पत्नी की हत्या की गई। आरोपी कैलाश अग्रवाल उसी फ्लैट के सामने कई साल किराये पर रहा। कारोबारी की पत्नी से घुला मिला था। वारदात से कुछ माह पहले ही वह किराये पर पड़ोस में दूसरी जगह रहने लगा था।
कैलाश पर कर्ज था। उसे पता था कि चांदी कारोबारी के घर में नकदी, सोना और जेवर रखे रहते हैं। रात 9 बजे प्रेम प्रकाश कारखाने से लौटते हैं। उसने दिन में वारदात को कटरा वजीर खां निवासी मोहन शर्मा और मथुरा निवासी सोनू के साथ अंजाम दिया। पूछताछ में चांदी कारोबारी ने कैलाश के बारे में बताया।
पुलिस ने न्यू आदर्श नगर व आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। जिनमें कैलाश तीनों साथियों के साथ दिखाई दिया। शक होने पर पुलिस ने कैलाश की पत्नी से पूछताछ की। उसने कबूल किया कि रविवार दोपहर बाद वह घर आए थे। बहुत घबराए थे। उसके बाद घर नहीं लौटे। पुलिस ने सर्विलांस के माध्यम से तीनों बदमाशों को कमला नगर के पीछे जंगल में मनोहरपुर से पकड़ लिया।
पुलिस से मुठभेड़ में कैलाश और मोहन के पैर मे गोली लगी है। सोनू फरार हो गया। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि कर्ज उतारने के लिए कैलाश ने अपने साथियों से मिलकर हत्या और लूट की वारदात को अंजाम दिया है। बदमाशों से लूटा हुआ कुछ माल बरामद हुआ है।