मौके पर पहुंचे एसएसपी राजेश कुमार सिंह
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एटा के जैथरा थाना क्षेत्र में हुआ हत्याकांड अचानक से आवेश में आकर नहीं हुआ। बल्कि इसके लिए पहले से ही साजिश रची जा रही थी। परिजन को आशंका भी थी और उन्होंने एक रात पहले डायल 112 व धुमरी चौकी पुलिस को कॉल कर बुलाया। पूरा मामला जानकारी में होने के बावजूद पुलिस ढिलाई बरतती रही और आरोपियों के हौसले बढ़ गए। इसका अंजाम हत्याकांड के रूप में सामने आया।
मृतक बच्चे के ताऊ प्रमोद ने बताया कि 11 जुलाई को चारों आरोपी नंगे होकर छत पर नाच रहे थे। हमारे घर की बहू-बेटियों को गंदी गालियां दे रहे थे। इसकी रिकॉर्डिंग भी हमने मोबाइल में की थी। तब भतीजी पुष्पा ने डायल 112 पर कॉल किया था। पुलिस आई, लेकिन हम ही लोगों को डांटा था। कहा कि झूठा फोन करते हो, बताओ कहां हो रहा है नंगा नाच। इसके बाद सुलेखा ने धुमरी चौकी पुलिस को फोन किया तो फिर पुलिस आई। इस बार आरोपी पक्ष को डांट कर चली गई।
12 जुलाई की रात आरोपी फिर वैसे ही हरकतें करने लगे। उनके भय से पीड़ित सुलेखा धुमरी चौकी पर मुकदमा लिखवाने गई। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने कह दिया कि बृहस्पतिवार को आना। आज कोई दरोगा नहीं है, कल तुम्हारा मुकदमा लिखा जाएगा, लेकिन रात में आरोपियों ने घटना को अंजाम दे दिया। कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई करती तो शायद मयंक की हत्या नहीं हुई हाेती।