हलवाई की पत्नी का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। पांच दिन से उसकी तलाश की जा रही थी। भूसे की बुर्जी के पास से दुर्गंध आने पर देखा गया, तो वहां महिला की लाश मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई।
आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र कस्बे के गांव नानऊ में रहने वाली दीपा (32) का शव रविवार सुबह उनके घर के पास ही भूसे की बुर्जी में मिला। दोनों हाथ बंधे थे। महिला 13 मई से लापता थी। परिजनों का आरोप है कि गुमशुदगी लिखाने के बाद भी पुलिस ने ध्यान नहीं दिया, जिससे हत्या हो गई।
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नानऊ के सूरजपाल बघेल की वृंदावन में हलवाई की दुकान है। घर में पत्नी दीपा, तीन बच्चे 10 साल की बेटी अनुष्का, 7 व 6 साल के बेटे केपी और बलराम हैं। सूरजपाल ने पुलिस को बताया कि वह हफ्ते में एक-दो बार घर आते हैं। दीपा बच्चों की पढ़ाई के कारण गांव में ही अन्य परिजन के साथ रहती थी।
उन्होंने बताया कि 13 मई की सुबह 11 बजे दीपा लापता हो गई थी। बच्चों और उन्होंने कई जगह तलाश की लेकिन पता नहीं चल सका। शाम चार बजे अछनेरा थाने में पत्नी के लापता होने की जानकारी दी। अगले दिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर ली।
आरोप है कि पुलिस ने कहा कि रिश्तेदारी आदि में तलाश करो। वह तभी से पत्नी की खोजबीन में लगे थे। पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। रविवार की सुबह घर से करीब 300 मीटर दूर बनी भूसे की झोपड़ीनुमा बुर्जी से दुर्गंध उठने पर महिलाओं ने इसकी जानकारी पुरुषों को दी।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बुर्जी से भूसा हटवाया तो दीपा का शव मिला। हाथ पीछे बंधे थे। हत्या कर शव को बुर्जी में छिपाया गया था। दीपा की हत्या की सूचना पर ग्रामीण इकट्ठे हो गए। बच्चे बेहाल हो गए। घटना के संबंध में गांव के राजन व अन्य अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कराया गया है।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने हत्या के साक्ष्य एकत्रित करने के लिए फॉरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने साक्ष्य जुटाए। खोजी कुत्ते की मदद भी ली गई मगर वह खेतों की ओर जाकर रुक गया। पुलिस का कहना है कि शव 3 से 4 दिन पुराना लग रहा है। एसीपी अछनेरा गौरव सिंह का कहना है पुलिस परिजन के संपर्क में थी। उसकी तलाश कराई गई थी। जल्द ही हत्यारोपियों को पकड़ा जाएगा।
पांच दिन तक पुलिस ने नहीं की सुनवाई
दीपा के परिजन का आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने जिस युवक राजन बघेल पर शक जताया था, उससे पूछताछ तक नहीं की। घटना के बाद वह गांव से भाग गया। पुलिस अगर गंभीरता से जांच करती तो शायद महिला के हत्यारोपी को पहले ही पकड़ा जा सकता था। पुलिस गांव में भी पूछताछ करने नहीं पहुंची। इस पर ग्रामीणों में आक्रोश है।
एक माह से लापता है बिचपुरी की महिला
बिचपुरी की महिला यशोदा 19 अप्रैल से लापता है। वह आवास विकास कॉलोनी में काम करती थी। घर से काम पर जाने की कहकर निकली थी। पति मुकेश ने थाना जगदीशपुरा में गुमशुदगी दर्ज कराई है। करीब एक माह बाद भी महिला का पता नहीं चल सका है। पति मुकेश ने अनहोनी की आशंका जताई है। उसका कहना है कि पुलिस गंभीरता से तलाश नहीं कर रही है।