1एमएनपी-11-बिछवां थाने में पत्रकारों को जानकारी देते सीओ
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बिछवां। थाना क्षेत्र के गांव बुर्रा चक सहारा के आशाराम की हत्या पत्नी और दो नाबालिग बेटों ने गला घोंटकर की थी। घटना का खुलासा करते हुए सीओ भोगांव ने बताया कि आशाराम शराब पीने का आदी था और नशे में आए दिन मां, पत्नी बच्चों से मारपीट करता था। वह अपनी जमीन भी बेचना चाहता था। इन सबसे तंग आकर पत्नी ने अपने बच्चों के साथ उसकी हत्या की। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
थाना क्षेत्र के गांव बुर्रा चक सहारा निवासी आशाराम (45) पुत्र फूल सिंह का शव छह नवंबर को घर के पास ही पड़ा मिला था। परिजनों की ओर से आत्महत्या की सूचना दिए जाने के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। रिपोर्ट में मौत की वजह गला घोंटा जाना आया। इसके बाद से पुलिस हत्या के खुलासे में जुट गई।
जांच में आशाराम द्वारा पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट की बात सामने आने के बाद पुलिस ने पत्नी रामादेवी से कड़ाई से पूछताछ की तो उसने गला घोंटकर हत्या की बात कबूल की। पूछताछ में रामादेवी ने बताया कि आशाराम शराब पीने का आदी थी। नशे में धुत होकर वह आए दिन बच्चों और उसके साथ मारपीट करता था। वह अपनी जमीन बेचना चाहता था। आशाराम के मंसूबे की भनक लगने के बाद पत्नी रामादेवी ने उसकी हत्या करने की बात सोची।
छह नवंबर को आशाराम नशे में धुत होकर घर आया और गालीगलौज करते हुए बच्चों को पीटने लगा। इस पर रामादेवी ने अपने दोनों नाबालिग बेटों के साथ उसे पकड़ लिया और प्लास्टिक की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी। सीओ भोगांव अमर बहादुर ने बताया कि तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मृतक के दोनों पुत्र कक्षा और नौ और सात के छात्र हैं। दोनों को जुवैनाइल कोर्ट भेजा गया है। वहीं रामा देवी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
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पत्नी ने पुलिस के सामने हत्या किए जाने की बात कबूल की है। शराब की लत और जमीन को बेचने की योजना बनाना उसकी हत्या का कारण बनी। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
अमर बहादुर, सीओ भोगांव।