कासगंज। हरिद्वार बैराज से पानी का डिस्चार्ज बढ़ गया है। इससे कछला गंगानदी में जलस्तर बढ़ना तय माना जा रहा है। सिंचाई विभाग गंगानदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। तराई क्षेत्र के ग्रामीणों से भी सिंचाई विभाग ने सहयोग मांगा है।
गंगानदी में हर साल ही बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ के हालात बनते है। इस साल अभी तक बाढ़ जैसी हालात तो नहीं हुए हैं लेकिन बुधवार को जिस तरह से हरिद्वार बैराज से एक साथ 82071 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
उससे ये तय है कि गंगा नदी में जल्द ही जलस्तर बढ़ जाएगा। सिंचाई विभाग के पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अपने क्षेत्र के ग्रामीणों से निरंतर संपर्क में रहें और जलस्तर पर नजर रखने के लिए उनका सहयोग लें। विभाग ने गंगा नदी कटान न करे इस पर भी सिंचाई विभाग विशेष निगरानी कर रहा है।
डिस्चार्ज पर एक नजर -
- 82071 क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़ा गया।
- 45353 क्यूसेक पानी बिजनौर से छोड़ा गया।
- 17905 क्यूसेक पानी नरौरा से छोड़ा गया।
- कछला गंगानदी में पानी घट बढ़ रहा है। जलस्तर को लेकर पूरी तरह नजर बनाए हुए हैं। अभी बाढ़ का कोई खतरा नहीं है। - पंजाबी सिंह, बाढ़ नियंत्रण प्रभारी, सिंचाई।