थाना शाहगंज के बाग नानकचंद में आटो चालक राकेश कुशवाहा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप दूसरे समुदाय के दो परिवार पर है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया। इस पर कई थानों की पुलिस फोर्स बुला ली गई। पुलिस ने दबिश देकर तीन लोगों को पकड़ लिया। वहीं छह नामजद लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
बाग नानकचंद निवासी राकेश कुशवाहा के भाई नरेश उर्फ टिंकू और हरेश उर्फ टीटू में किसी बात पर गली में झगड़ा हो रहा था। उनमें ईंट-पत्थर चलने लगे। इसी बीच पड़ोसी दौलत का बेटा दिलशाद रास्ते से निकलकर जा रहा था। वह झगड़े के दौरान ही पास खड़ा हो गया। नरेश ने उसे हटा दिया। आरोप है कि वह गालीगलौज पर उतर आया। बाद में उसकी मां शकीला, दो बहनें, दौलत का मकान मालिक अशफाक, उसका भाई जाकिर पुत्रगण सुनील अब्बासी और पड़ोसी यूनुस आ गया। आरोप है कि सभी ने झगड़े के दौरान बीचबचाव कराने आई नरेश की भतीजी पूजा और पिंकी के साथ मारपीट शुरू कर दी। महिलाएं पूजा को घर में खींचकर ले गईं। इस पर पूजा का पिता बचाने आया तो उसे भी अशफाक घर के अंदर खींचकर ले गया। इस दौरान किसी भारी वस्तु से सीने पर मार दिया, जिससे राकेश गिर पड़ा। घटना के बाद सभी मौके से भाग निकले। परिवारीजन उसे एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी लेकर आए, जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया। घटना की जानकारी पर पुलिस फोर्स पहुंच गई। मृतक के भाई नरेंद्र की तहरीर पर छह लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।
सौ नंबर नहीं लगा, किया एसएसपी को फोन
घटना की जानकारी पुलिस को देने के लिए परिवारीजनों ने सौ नंबर मिलाया। मगर, सात बार में भी कॉल नहीं लगा। इस पर एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह को कॉल किया। एसएसपी ने शिकायत सुनने के बाद शाहगंज पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। तब कहीं पुलिस मौके पर आई।
परिवार मेें एकमात्र कमाने वाला था राकेश
परिवार में राकेश एकमात्र कमाने वाला था। उसकी पत्नी चंद्रा, बेटी पूजा, पिंकी और बेटा रोहित है। पिता की मौत से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल था। वह किराये के मकान में रहते हैं, जबकि कुछ दूरी पर ही तीन भाई ही रहते हैं।