मथुरा के वृंदावन में जाम की समस्या से मुक्ति के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारियों, नगर निगम एवं पुलिस प्रशासन ने रविवार को बैठक कर समस्या के निदान पर मंथन किया। कोतवाली परिसर में हुई बैठक में सीओ सदर प्रवीण कुमार मलिक ने बताया कि अब तक की गई पड़ताल से पता चला है कि जाम का मुख्य कारण ई-रिक्शा एवं टेंपो की बढ़ती संख्या है। उधर, निगम ने चेतावनी दी कि दो दिन के अंदर सड़क से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो कार्रवाई होगी।
सीओ ने बताया कि ई-रिक्शा की संख्या को निर्धारित करने के लिए इनके रूट एवं संख्या तय की जा रही है। ई-रिक्शा जिस रूट के लिए निर्धारित किया जाएगा। उसके सिवाय दूसरे रूट पर नहीं जा सकेगा। लाल रंग के टेंपो भी शहर में संचालित नहीं होंगे। जिन ई-रिक्शा के पंजीकरण तथा चालक पर ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, उनका संचालन किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा। इसके बावजूद ई-रिक्शा या ऑटोरिक्शा शहर में संचालन होते पाए गए तो उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम के कार्यालय प्रभारी गोपाल वशिष्ठ ने बताया कि मंदिरों के आसपास एवं बाजारों व परिक्रमा मार्ग में हो रहे अतिक्रमण को हटवाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि दो दिन के अंदर वे स्वयं अपना अतिक्रमण हटा लें। अन्यथा उनके अतिक्रमण को ध्वस्त कर जब्त कर लिया जाएगा।