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यूपी: मैनपुरी को यूं ही नहीं कहा जाता है मुलायम सिंह का गढ़, बनाया ऐसा रिकॉर्ड; जिसे बहू, भतीजे भी न तोड़ पाए

Sun, 24 Mar 2024 01:30 PM IST
धीरेन्द्र सिंह नीलेश शर्मा, आगरा

सार

मैनपुरी का नाम आते ही सबसे और पहले मुलायम सिंह यादव की चर्चा शुरू हो जाती है। समाजवादी पार्टी के इस मजबूत किले में अभी तक कई पार्टियों ने शेंध लगाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। मुलायम सिंह यादव ने यहां ऐसा रिकॉर्ड कायम कर दिया, जिसे उनकी बहू डिंपल यादव, भतीजे धर्मेन्द्र यादव और पौत्र तेजप्रताप भी नहीं तोड़ पाए।  

 
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मुलायम सिंह यादव - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मैनपुरी को मुलायम सिंह यादव का गढ़ कहा जाता है। शायद इसीलिए जब से सपा का गठन हुआ, तब से मैनपुरी लोकसभा सीट पर वह काबिज है। इसी सीट से सपा संस्थापक नेताजी मुलायम सिंह यादव पांच बार लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। मतदाताओं के प्यार और दुलार से वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में उन्हें इतने बढ़े अंतर से जीत मिली कि एक रिकार्ड बन गया। विरोधी छोड़िए मुलायम के इस रिकार्ड को अभी तक उनकी बहू, भतीजे और पौत्र भी नहीं तोड़ पाए हैं।
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सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव मैनपुरी को अपनी कर्मस्थली मानते थे। वर्ष 1992 में समाजवादी पार्टी के गठन के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट से पहली बार खुद मुलायम सिंह यादव ने चुनाव लड़ा और वह जीतकर संसद पहुंचे। तब से लेकर अब तक इस सीट पर उपचुनाव सहित कुल 10 बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं। हर बार समाजवादी पार्टी ने ही चुनाव जीता। खुद मुलायम सिंह यादव ने इस सीट पर पांच बार चुनाव लड़ा और हर चुनाव जीता।

 

मुलायम सिंह यादव को 2014 के लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी जीत मिली। इस चुनाव में उन्होंने पांच लाख 95 हजार 918 वोट हासिल किए। यह चुनाव उन्होंने तीन लाख 64 हजार 666 वोटों से जीता। खुद मुलायम सिंह यादव 2019 के चुनाव में जीत का यह आंकड़ा नहीं छू पाए।

 

सबसे अधिक वोट तेजप्रताप को मिले
वर्ष 2014 में मुलायम सिंह यादव ने जीत सबसे अधिक वोटों के अंतर से पाई। उनके इस रिकार्ड को पार्टी व परिवार का अन्य कोई भी व्यक्ति नहीं तोड़ पाया। लेकिन मैनपुरी लोकसभा सीट पर सबसे अधिक वोट हासिल करने का रिकार्ड नेताजी के पौत्र तेजप्रताप यादव के नाम पर दर्ज है। उन्होंने 2014 के उपचुनाव में छह लाख 53 हजार 786 वोट हासिल किए थे। उपचुनाव नेताजी के सीट छोड़ने के कारण हुआ था।


 

वोट हासिल करने में दूसरे नंबर पर हैं डिंपल
सबसे अधिक वोटों से जीत का रिकार्ड मुलायम सिंह यादव की बहू डिंपल यादव भी नहीं छू सकी हैं। हालांकि सबसे अधिक वोट पाने में उनका स्थान दूसरा है। उन्होंने 2022 में नेताजी के निधन के बाद हुए उपचुनाव में छह लाख 18 हजार 120 वोट पाकर सबसे अधिक वोट पाने वालों की सूची में दूसरा स्थान पाया है।



 
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सपा को कब और कितने वोटों से मिली जीत
वर्ष             प्रत्याशी                         कुल मिले वोट             जीत का अंतर

1996 मुलायम सिंह यादव 273303 51958

1998 बलराम सिंह यादव 264734 10366

1999 बलराम सिंह यादव 244113 28026

2004 मुलायम सिंह यादव 460470 337870

2004 धर्मेंद्र यादव (उपचुनाव) 348999 179713

2009 मुलायम सिंह यादव 392308 173069

2014 मुलायम सिंह यादव 595918 364666

2014 तेजप्रताप यादव (उपचुनाव) 653786 321249

2019 मुलायम सिंह यादव 524926 94389

2022 डिंपल यादव (उपचुनाव) 618120 288461
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