तमाम कयासों और चर्चाओं के बाद आगरा में सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन के होर्डिंग लगा दिए गए हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की तस्वीर भी है। हालांकि पहले हल्ला मचा था कि पोस्टर पर उनका चित्र नहीं होगा। वहीं होर्डिंग में शिवपाल को जगह नहीं मिली है। संगठन की गुटबाजी भी जाहिर हो गई।
बता दें कि पांच अक्टूबर को तारघर मैदान पर सपा का राष्ट्रीय अधिवेशन है। मगर, इससे पहले ही पार्टी के अंदर ही सियासत शुरू हो गई है। सोमवार को अधिवेशन से संबंधित शहर में तमाम होर्डिंग लगाए गए। फतेहाबाद रोड, तारघर मैदान, हरीपर्वत आदि जगहों पर लगे होर्डिंगों के एक कोने में मुलायम सिंह और दूसरे पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी व सांसद डिंपल यादव हैं।
बीच में अखिलेश यादव का साइकिल चलाते हुए बड़ी फोटो है। ऊपर राम मनोहर लोहिया और जनेश्वर मिश्र के अलावा प्रो. रामगोपाल यादव सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के फोटो लगे हैं। नीचे स्थानीय नेताओं की तस्वीरें हैं। कुछ होर्डिंगों पर मोहम्मद आजम खां की भी तस्वीर है।
ये है गुटबाजी की वजह
इन सबमें जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव और महानगर अध्यक्ष रईसउद्दीन के फोटो गायब हैं। सूत्रों की माने तो इसके पीछे लंबे समय तक गायब रहे एक नेता का हाथ बताया जा रहा है। वह नेता सपा सरकार के दौरान पुलिस छापे में एक होटल में पकड़ा गया था। तब से वह पार्टी में हाशिये पर था। मगर, वह एक फिर सक्रिय हो गया है। गुटबाजी को हवा देने में उसी का हाथ माना जा रहा है। संगठन ने इसकी जानकारी पार्टी के आला पदाधिकारियों को दे दी है।
कोरी अफवाह साबित हुआ सब
पिछले दिनों अफवाह उड़ाई गई थी कि राष्ट्रीय अधिवेशन के होर्डिंगों से मुलायम सिंह यादव का फोटो गायब रहेगा। मगर, ये गलत साबित हुई हैं। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय अधिवेशन में राज्य सम्मेलन की तरह से मुख्य मंच पर पीछे की ओर लगने वाले विशाल पोस्टर पर भी मुलायम सिंह का फोटो होगा।
जिलाध्यक्ष रामसहाय यादव का कहना है कि होर्डिंगों पर फोटो की ओर हमारा ध्यान नहीं है। पार्टी ने हमें अधिवेशन की जिम्मेदारी सौंपी है, हमारी टीम उसी की तैयारियों में व्यस्त है। महानगर अध्यक्ष रईसुद्दीन ने बताया कि हम लोग राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में संगठन के लिए कार्य कर रहे हैं। हम जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ता हैं।