बांदा जेल में बंद बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से आगरा के स्पेशल जज (एमपी-एमएलए) नीरज गौतम की कोर्ट में पेशी हुई। मुख्तार अंसारी की ओर से पिछली तिथि पर प्रस्तुत डिस्चार्ज प्रार्थनापत्र खारिज होने के बाद आरोप तय होने के लिए तिथि नियत थी। एडीजीसी शशि शर्मा ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर चार्ज से पूर्व केस डायरी का अवलोकन के लिए दो दिन का समय मांगा। कोर्ट ने एडीजीसी का प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए आठ अक्तूबर की तिथि नियत की है।
जेल में हत्या की आशंका जताई, सुरक्षा की गुहार
मुख्तार अंसारी ने अपनी हत्या की आशंका जाहिर करते हुए कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. रवि अरोरा ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। इसमें कहा गया कि उनके खिलाफ राजनीतिक द्वेषवश मुकदमे दर्ज कराए जाते रहे हैं। वह बांदा जेल में बंद हैं।
आगरा में मुकदमा विचाराधीन होने के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी होती है। उन्होंने आशंका जताई कि शासन व जेल प्रशासन उनकी हत्या कराने की कोशिश कर रहे हैं। जेल में बिना लिखा-पढ़ी के लोग आ रहे हैं। इसकी पुष्टि गेट की जीडी, सीसीटीवी फुटेज और गेट बुक से की जा सकती है। उन्होंने गेट बुक और सीसीटीवी फुटेज दिलाने का भी आग्रह किया।
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विधायक मुख्तार अंसारी वर्ष 1999 में केंद्रीय कारागार में निरुद्ध था। 18 मार्च 1999 को पुलिस प्रशासन की टीम ने बैरक का निरीक्षण किया था। मुख्तार अंसारी की बैरक से टीम को बुलेट प्रूफ जैकेट और मोबाइल मिला था। यह मुख्तार अंसारी से बरामद दिखाते हुए थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।