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आगरा: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मुख्तार अंसारी की पेशी, जान का खतरा जताया, अब 14 सितंबर को सुनवाई

Tue, 07 Sep 2021 12:08 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क अमर उजाला, आगरा

सार

पेशी के दौरान मुख्तार अंसारी ने कोर्ट से कहा कि शासन प्रशासन के अधिकारियों से जान का खतरा है। एडीजीसी ने मुख्तार अंसारी के आरोप का विरोध करते हुए दलील दी कि शासन प्रशासन पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। मुल्जिम अपराधी किस्म का व्यक्ति है। बचाव के लिए झूठा आरोप लगा रहा है। 
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मुख्तार अंसारी
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विस्तार
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बांदा जेल में निरुद्ध बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की सोमवार को विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) नीरज गौतम की कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। मुख्तार अंसारी के खिलाफ 22 साल पहले थाना जगदीशपुरा में केस दर्ज हुआ था। उनसे केंद्रीय जेल की बैरक में मोबाइल और बुलेट प्रूफ जैकेट बरामद हुई थी। केस से उन्मोचित करने के लिए उनके अधिवक्ता ने कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया था। इस पर पेशी हुई। कोर्ट ने 14 सितंबर की तारीख सुनवाई के लिए नियत की है। पेशी के दौरान मुख्तार अंसारी ने शासन प्रशासन से जान का खतरा जताया।

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विधायक  मुख्तार अंसारी वर्ष 1999 में केंद्रीय कारागार में निरुद्ध था। 18 मार्च 1999 को पुलिस प्रशासन की टीम ने बैरक का निरीक्षण किया था। मुख्तार अंसारी की बैरक से टीम को बुलेट प्रूफ जैकेट और मोबाइल मिला था। यह मुख्तार अंसारी से बरामद दिखाते हुए थाना जगदीशपुरा में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।
मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता प्रकाश नारायण शर्मा की ओर से कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया गया। मुख्तार अंसारी को झूठा फंसाने का आरोप लगाते हुए चार्ज पर उन्मोचित करने का आदेश पारित करने की प्रार्थना की थी। सोमवार को विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए नीरज गौतम की कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्तार अंसारी की पेशी हुई। मगर, अधिवक्ता प्रकाश नारायण की ओर से स्थगन प्रार्थनापत्र देने के चलते सुनवाई नहीं हो सकी। अब 14 सितंबर को सुनवाई होगी।
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एडीजीसी शशि शर्मा ने बताया कि पेशी के दौरान मुख्तार अंसारी ने कोर्ट से कहा कि शासन प्रशासन के अधिकारियों से जान का खतरा है। सुरक्षा दिलाई जाए। तब एडीजीसी ने मुख्तार अंसारी के आरोप का विरोध करते हुए दलील दी कि शासन प्रशासन पर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। मुल्जिम अपराधी किस्म का व्यक्ति है। बचाव के लिए झूठा आरोप लगा रहा है। हालांकि कोर्ट ने बांदा जेल प्रशासन को मुख्तार अंसारी की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के आदेश दिए।
मुख्तार अंसारी की ओर से एक प्रार्थनापत्र उनके बेटे अमर अंसारी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में पेश होकर दिया। प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के लिए 14 सितंबर की तिथि ही सुनिश्चित की है। 

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