फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोर्ट के आदेश का उल्लंघन: गोवर्धन के मुकुट मुखारबिंद मानसी गंगा मंदिर का ठेका उठाकर दर्शन के लिए खोला

Mon, 21 Jun 2021 12:14 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोवर्धन (मथुरा)

सार

गोवर्धन के मुकुट मुखारबिंद मानसी गंगा मंदिर की व्यवस्थाओं का संचालन न्यायालय के आदेश पर होता है। लेकिन मंदिर के रिसीवर ने कोर्ट की बिना अनुमति के मंदिर को दर्शन के लिए खोल दिया। 
विज्ञापन
मुकुट मुखारबिंद मानसी गंगा मंदिर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मथुरा के गोवर्धन में कोरोना संक्रमण के कारण दानघाटी और मुकुट मुखारबिंद मंदिर जतीपुरा के पट बंद हैं। लेकिन मुकुट मुखारबिंद मानसी गंगा के रिसीवर ने न्यायालय के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए आराध्य प्रभु की सेवा राग भोग आदि का ठेका उठाकर मंदिर को दर्शनों के लिए खोल दिया है। 

विज्ञापन


गोवर्धन के तीनों प्रमुख मंदिरों के संचालन की व्यवस्था न्यायालय और प्रशासन की देखरेख में होती है। यहां दानघाटी और मुकुट मुखारबिंद मानसी गंगा मंदिर की व्यवस्थाओं का संचालन न्यायालय के आदेश पर होता है, जबकि मुखारबिंद मंदिर जतीपुरा की व्यवस्थाओं का संचालन एसडीएम गोवर्धन के अधिकार क्षेत्र में है। 

विश्व योग दिवस पर बोलीं सांसद हेमा मालिनी: श्रीकृष्ण ने दिया योग का ज्ञान, मोदी ने विश्व में पहुंचाया
विज्ञापन


दानघाटी मंदिर और मुखारबिंद मंदिर जतीपुरा के पट आज भी बंद हैं। जबकि मुकुट मुखारबिंद मानसी गंगा मंदिर के रिसीवर रामाकांत गोस्वामी ने न्यायालय व महामारी के नियम कानूनों को ताक पर रख मंदिर में आराध्य प्रभु की सेवा पूजा की ठेका बोली 20 लाख रुपये में उठाकर, मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए हैं।

विज्ञापन

मंदिर के रिसीवर रमाकांत गोस्वामी पर लग चुके हैं ये आरोप
मुखारबिंद मंदिर में रमाकांत गोस्वामी की रिसीवर पद पर जब से नियुक्ति हुई है, तभी से अनियमितताओं को लेकर मंदिर चर्चाओं में रहा है। उन पर मंदिर के खजाने से करोड़ों रुपये गबन का आरोप है। एसडीएम रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद, घोटाले की जांच विशेष जांच दल कर रहा है।

मुकुट मुखारबिंद मानसी गंगा मंदिर प्रबंधक मनुऋषि का कहना है कि मंदिर रिसीवर मंदिर की व्यवस्थाओं के संचालन के लिए स्वतंत्र हैं, मंदिर खोलने व ठेका बोली में न्यायालय व प्रशासन के आदेशों की कोई आवश्यकता नहीं है।


अपने शहर की खबरों से अपडेट रहने के लिए पढ़ते रहिए amarujala.com । अमर उजाला आगरा के फेसबुक पेज को लाइक और फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं। 
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें