ताजमहल के सामने सेंट्रल टैंक पर अगर डायना सीट पर बैठकर कैमरे में अपनी यादें संजोना चाहते हैं तो यह ऐतिहासिक मौका है, जब ताजमहल का केवल गुंबद और मीनारें ही नजर आएंगी। गुंबद के नीचे दक्षिणी आर्च और उससे सटी दीवारों को मडपैक ट्रीटमेंट के लिए पाड़ लगाई गई है। मुख्य गुंबद में अंदर शाहजहां और मुमताज की कब्र देखने के लिए सैलानियों को पाड़ के बीच से गुजरना होगा। इसके लिए दो कतारें बनाई गई हैं।
मडपैक के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कवर और जाल लगाया गया है। इससे पहले 1942 में ताज के गुंबद पर मरम्मत कार्य के लिए पाड़ बांधी गई थी। एएसआई रसायन शाखा के अधीक्षण पुरातत्व रसायनविद डा. एमके भटनागर के मुताबिक, टूरिस्ट सीजन और पर्यटकों की फोटोग्राफी को देखते हुए संरक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है।
टूरिस्ट सीजन शुरू होने से पहले सितंबर में ही दक्षिणी दीवार का मडपैक ट्रीटमेंट खत्म हो जाएगा। दक्षिण पूर्वी मीनार, दक्षिण पश्चिमी दीवार और आर्च का काम भी इसके साथ ही सितंबर में खत्म हो जाएगा। यमुना किनारे की ओर गुंबद के नीचे की उत्तरी दीवार और आर्च पर मडपैक अगस्त से अक्तूबर तक चलेगा।
पश्चिमी दीवार और आर्च पर अक्तूबर से दिसंबर के बीच काम होगा। देश विदेश के जितने भी वीआईपी मेहमान और हस्तियां आ रही हैं वे इस मडपैक ट्रीटमेंट के बारे में पूछ रहे हैं। इसे जानने की काफी उत्सुकता है और फोटो भी खिंचा रहे हैं।
ताजमहल के अंदर शीशमहल और अष्टकोणीय कक्ष की दीवारों पर भी केमिकल क्लीनिंग कराई जाएगी। नवंबर से लेकर जनवरी के बीच यह काम होगा। मुख्य गुंबद की चारों छतरियों पर जनवरी 2018 से अप्रैल के बीच काम होगा। मुख्य गुंबद पर मई से नवंबर 2018 के बीच मडपैक प्रस्तावित है, लेकिन उससे पहले गुंबद की भार वहन क्षमता की जांच की जानी है।