आतंकरोधी संगठन के अध्यक्ष एमएस बिट्टा ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर में सैनिकों पर पत्थर फेंकने वालों से सख्ती से निपटा जाए। जब तक इन्हें करारा जवाब नहीं मिलेगा तब तक बात बनेगी नहीं। उन्होंने कहा कि चीन को जवाब देने के लिए भारत की सेनाएं तैयार हैं। वहीं रालोद महासचिव जयंत चौधरी ने कहा है कि प्रधानमंत्री को विदेशों में घूमने के बजाए सैनिकों की फिक्र होनी चाहिए।
एमएस बिट्टा और जयंत चौधरी मंगलवार को शहीद बबलू सिंह की पहली पुण्यतिथि पर फरह के गांव झंडीपुर में पहुंचे थे। बबलू सिंह जम्मू-कश्मीर के नौगांव में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए थे। उन्होंने दो आतंकियों को मार डाला था।
एमएस बिट्टा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में सैनिकों को पत्थर मारने वाले भी कहीं न कहीं आतंकियों से मिले हुए हैं। सरकार को चाहिए कि वे पत्थर मारने वाले युवकों को पकड़कर जीप से बांधकर घुमाने की इजाजत सेना को दे। चीन के मुद्दे पर कहा कि चीन के आगे केंद्र सरकार झुकेगी नहीं। चायना बार्डर पर सेना मजबूती के साथ खड़ी है।
राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री को विदेश यात्राएं कम कर सैनिकों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। सैनिक जम्मू क श्मीर, चायना बार्डर पर किन परिस्थितियों में रहकर देश की सुरक्षा कर रहे हैं इस पर सभी दलों को साथ लेकर ठोस योजना बनानी चाहिए।
इस दौरान सेना की ओर से स्टेशन कमांडर डीएम राठी ने शहीद बबलू की पत्नी सविता देवी को दो लाख रुपये का सहायता चेक सौंपा। सेना की ओर से यहां चिकित्सा शिविर भी लगाया। भाजपा के जिलाध्यक्ष तेजवीर सिंह, रालोद के कुंवर नरेंद्र सिंह, योगेश द्विवेदी, भूतपूर्व सैनिक संघ के जिलाध्यक्ष देवीचरन शर्मा, खेमचंद्र शर्मा नगेश, कैप्टन भंवर सिंह, जवाहरलाल आदि ने श्रद्धांजलि अर्पित की।