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एसएन मेडिकल कॉलेज में पकड़ा गया एमआर, इमरजेंसी वार्ड में कर रहा था ये काम

Mon, 13 Aug 2018 08:40 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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एसएन मेडिकल कॉलेज - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में जले हुए मरीज की ड्रेसिंग करते रंगे हाथ युवक पकड़ गया है। ये किसी सर्जिकल आइटम बनाने वाली कंपनी का प्रतिनिधि (मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव) था।
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कर्मचारियों ने इसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस की पूछताछ में इसने कबूला कि वो जूनियर डॉक्टर के कहने पर मरीजों की ड्रेसिंग करता है। इसके एवज में डॉक्टरों का कमीशन तय है।  

मामला सोमवार दोपहर तीन बजे का है। इमरजेंसी में एक युवक सर्जरी अनुभाग में भर्ती जले हुए मरीज की शरीर पर ड्रेसिंग कर रहा था। यहां वार्ड ब्वाय आया और उसे टोकते हुए पूछा कि आप कौन हैं और मरीज की ड्रेसिंग क्यों कर रहे हैं।
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ऐसे पकड़ा गया एमआर

इस पर युवक वार्ड ब्वाय से उलझ गया और बोला अपना काम करो, इस पर वार्ड ब्वाय ने शोर करते हुए अन्य साथियों को बुला लिया। ये देख युवक भागने लगा, कर्मचारियों ने उसे पकड़कर इमरजेंसी स्थित चौकी में पुलिस के हवाले कर दिया। 

पुलिस की पूछताछ में युवक का नाम सुधीर कुमार है, जो कानपुर की दवा कंपनी का प्रतिनिधि है। उसने नर्सिंग स्टाफ का कोर्स भी कर रखा है। यहां सर्जरी विभाग के डाक्टरों के बुलाने पर आता है। 

जले हुए मरीज के शरीर पर विशेष गॉज से ड्रेसिंग पर मरीज से ही कीमत वसूली जाती है। जिस डॉक्टर की ड्यूटी होती है, जला हुआ मरीज आने पर वो उसे कॉल करता है। इसके एवज में डॉक्टरों का कमीशन होता है। युवक के पड़के जाने के बाद वही आरोपी जूनियर डॉक्टर और एक फार्मेसिस्ट पुलिस चौकी पहुंच गए और पुलिस पर दबाव बनाकर उसे छुड़वाकर अपने साथ ले गए। 
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पैकेज पर होती जले हुए मरीज की ड्रेसिंग

पकड़े गए युवक ने बताया कि जले हुए मरीज की ड्रेसिंग पैकेज के आधार की जाती है। जले हुए मरीज आने के बाद डाक्टर कॉल करता है, मरीज की हालत देख ड्रेसिंग की कीमत तय की जाती है। इसमें 1200 रुपये से 6000 रुपये तक है। उसने बताया कि डाक्टरों की ओर से होने वाली कांफ्र्रेंस में भी कंपनी रुपये खर्च करती है।

इमरजेंसी में मिलती अधूरी दवाएं

एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में अभी भी आधी-अधूरी दवाएं और सर्जिकल आइटम मिल रहा है। इसका फायदा उठाते हुए स्टाफ बाहर से दवाएं मंगाते हैं। जूनियर डाक्टर तीमारदार से तय दुकान से ही सर्जिकल आइटम और दवाएं मंगवाते हैं। यहां तक कि इमरजेंसी में ही प्रतिनिधि को बुला लेते हैं। 
 
'रिपोर्ट तलब की जाएगा'

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ जीके अनेजा ने बताया कि इमरजेंसी में बाहरी व्यक्ति कैसे किसी मरीज की ड्रेसिंग कर रहा था। ये गंभीर मामला है। विभागाध्यक्ष से इसकी रिपोर्ट तलब की जाएगी। वहीं सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ जूही सिंघल ने कहा कि इमरजेंसी में मरीज की ड्रेसिंग बाहरी व्यक्ति कर रहा था, उसने जूनियर डाक्टर का नाम भी लिया है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। 
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