काली सूची में शामिल 17 कालेज भी बने सेंटर
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फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल ने डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन की कारगुजारियों की शिकायत राजभवन से की है। मंगलवार को उन्होंने यहां हो रहे फर्जीवाड़े की जांच कराने की मांग की है। मार्कशीट-डिग्री के लिए चक्कर काटते छात्रों की व्यथा भी लिखी है। सांसद का कहना है कि बीएड, एमबीबीएस, मैनेजमेंट की फर्जी मार्कशीट पकड़ी जा चुकी है। कुलपति और कुलसचिव कार्रवाई नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जीवाड़ा करके कई कर्मचारी करोड़पति बन गए हैं। उन्होंने लोकसभा में यह मुद्दा उठाने की बात भी कही। बता दें कि बीएड में फर्जी मार्कशीट प्रकरण की भले ही स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम जांच कर रही हो, लेकिन बीते महीनों में एमसीए, बीबीए, एमटेक, बीटेक, एमबीबीएस की फर्जी मार्कशीट भी पकड़ी गई हैं। यहां तक कि लाभार्थी मार्कशीट मुहैया कराने वालों का पता और फोन नंबर तक बता चुके हैं।
ललित कला संस्थान में पढ़ाई ठप, हंगामा
डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के ललित कला संस्थान में पढ़ाई ठप चल रही है। आक्रोशित छात्रों ने मंगलवार को संस्थान में हंगामा किया। नारेबाजी करते हुए छात्रों ने धरना दिया। यहां सुनवाई न होने पर छात्र विश्वविद्यालय कुलपति से मिलने गए। कुलपति के न मिलने पर कार्यालय में ज्ञापन रिसीव कराया। छात्रों का आरोप है कि यहां अधिकांश शिक्षक कक्षा में नहीं आते। एक शिक्षक तो विद्यार्थियों से अभद्रता भी कर चुके हैं। कुलसचिव एके अरविंद का कहना है कि शिकायत की जांच कराई जाएगी।
विधि छात्रों का हंगामा, नारेबाजी
विधि छात्रों ने कुलपति सचिवालय पर हंगामा किया। नारेबाजी करते हुए धरना दिया। यहां कुलपति के न मिलने पर डिप्टी रजिस्ट्रार विश्वेश्वर प्रसाद का घेराव किया। छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन की मांग की है। बता दें कि एलएलबी प्रथम और द्वितीय वर्ष का हाल ही में परिणाम घोषित किया गया है, जिसमें महज 25 फीसदी छात्र ही उत्तीर्ण हुए हैं।
नकल की आशंका बढ़ी, नहीं जा रहे सचल दल
आगरा। डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा में नकल की आशंका बढ़ गई है। अब सचल दल छापेमारी करने नहीं जा रहे हैं। बीते दो दिन से यही हो रहा है। आगरा विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (औटा) ने अपने सदस्यों से सचल दल में शामिल न होने का आह्वान किया है। औटा महामंत्री एके सिंह का कहना है कि सचल दल मानकों के अनुरूप नहीं है। बता दें कि आठ सचल दल गठित किए गए थे, जिसमें से तीन दल ही छापेमारी करनेे गए। इन्होंने 20 कालेजों में सामूहिक नकल भी पकड़ी।