घनी आबादी वाले क्षेत्र में तेंदुए के घुस आने से यमुना किनारे के आसपास रहने वाले लोग दहशत में आ गए हैं। सालों से बेखौफ होकर रहने रहे लोगों को अब किसी भी रात को खूंखार वन्य जीव के आने का डर सताने लगा है।
मंगलवार को शहर में तेंदुआ की चर्चा जोरों पर रही। यमुना किनारे बस सिकंदरपुर, खासपुर, नगला तल्फी, नगला पैमा, गढ़ी रामी आदि जगहों पर भी इस तरह की चर्चा थी। मगर, यहां के लोगों में दहशत भी थी। क्योंकि यमुना किनारे कई किमी के दायरे में जंगल क्षेत्र है। ऐसे में यदि कोई वन्य जीव इस रास्ते आता है तो सबसे पहले वह नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में ही घुसेगा। हालांकि अब तक नदी किनारे के आसपास रहने वाले लोग पूरी तरह से सुरक्षित रहे हैं। एक भी अप्रिय घटना नहीं हुई। लकड़बग्घा जरूर एक-दो बार आ चुका है लेकिन तेंदुआ या इस जैसा कोई दूसरा खतरनाक जानवर अब तक नहीं आया। लोगों का कहना है कि अब रात में उन्हें सतर्क होकर सोना पड़ेगा। हालांकि गांव के अधिकांश लोग अपने पास लाठी या डंडा लेकर सोते हैं लेकिन इससे भी वे खुद को सुरक्षित नहीं मान रहे।
अब तक हम लोग खुद को सुरक्षित मानते थे लेकिन अब सोचना पड़ रहा है। अब तक क्षेत्र में तेंदुआ नहीं आया है। लकड़बग्घा जरूर आ चुका है। अब तो रात में सोते वक्त सावधानी बरतनी पड़ेगी।
दुर्जन सिंह, निवासी सिकंदरपुर
60 साल से मैं इसी गांव में रह रहा हूं। अब तक न तो तेंदुआ और न ही ऐसा कोई जानवर आया और न ही उसके आने की बात सुनी। यह पहली बार है। हम लोग तो रात को बाहर ही सोते हैं, अब सतर्कता बरतनी होगी।
होरीलाल, निवासी खासपुर