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UP: सत्ताधारी सांसद और विधायकों ने छावनी में खरीद डाले बेशकीमती बंगले, CBI की टीम आगरा आई...10 घंटे चली जांच

Fri, 07 Mar 2025 11:56 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

छावनी के बेशकीमती बंगलों को सत्ताधारी दल के सांसद और विधायकों ने खरीद डाले। यहां बंगलों में हुए निर्माण कार्यों, छावनी एक्ट की अनदेखी करके बेशकीमती जमीनों की खरीद-फरोख्त की जांच के लिए सीबीआई पहुंची। जांच के दौरान अफरा-तफरी का माहौल रहा। 


 
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सीबीआई - फोटो : अमर उजाला न्यूज
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विस्तार
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आगरा के छावनी परिषद में साढ़े तीन साल से चुनाव नहीं हुए हैं। बैरिड बोर्ड चल रहा है। इस दौरान बंगलों में हुए निर्माण कार्यों, छावनी एक्ट की अनदेखी करके बेशकीमती जमीनों की खरीद-फरोख्त, नीलामी और बंगलों में चल रहीं व्यावसायिक गतिविधियों की जांच करने बृहस्पतिवार को सीबीआई टीम आगरा पहुंची।
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टीम ने छावनी कार्यालय में भी जमीनों की लीज रिकॉर्ड सहित अन्य दस्तावेजों की जांच की। बंगलों के निरीक्षण के दौरान छावनी के अधिकारियों से पूछताछ भी की। छावनी परिषद में अवैध निर्माणों, नीलामी में अनियमिताओं सहित अन्य शिकायतों की जांच करने नई दिल्ली से सीबीआई के 8 सदस्यीय टीम आई है। टीम ने सुबह 11 बजे से पड़ताल शुरू की।

 

सूत्रों के मुताबिक, टीम ने सबसे पहले बंगलों में कराए निर्माण कार्यों की जांच की। बंगला नंबर 46, 48, 49, 59, 61, 43, 14 और 70 ए में निरीक्षण किया। बंगलों में चल रहीं दुकानों, मॉल, रेस्तरां, विभिन्न दफ्तरों को देखा। यहां अधिकांश बंगलों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हैं। टीम ने गोपीचंद शिवहरे मार्ग के बंगलों में व्यावसायिक गतिविधियों के अलावा निर्माण कार्यों को भी जांचा। छावनी के कार्यालय में दस्तावेजों के बारे में जानकारी हासिल की।




 

शादी घर का लिया जायजा
टीम ने दो शादी घरों का भी निरीक्षण किया। सदर बाजार में स्थित इन शादी घरों में एक शादी घर करीब एक एकड़ जमीन पर संचालित है। यहां कभी मैकेनिकों का वर्कशॉप था। शिकायत हुई थी कि नीलामी और खरीद फरोख्त प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी गई। यह करोड़ों रुपये की जमीन थी मगर नीलामी लाखों में हो गई। सदर बाजार में बेशकीमती जमीन का भी जायजा लिया गया। इसे भी लीज पर दिया गया है। बताया गया है कि कुछ बंगलों और जमीनों में सत्ताधारी पार्टी के कई माननीय भी शामिल हैं।

 
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रक्षा संपदा निदेशक ने भी की थी जांच 
छावनी परिषद में ओल्ड ग्रांट की जमीन की खरीद-फरोख्त के मामले की जांच पिछले दिनों आए रक्षा संपदा विभाग के निदेशक ने भी की थी। निदेशक चार दिन तक रुके थे। उन्होंने कई जगह निरीक्षण भी किया था।
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