आगरा के एमजी रोड पर सेंट जोंस चौराहे के पास सोमवार सुबह नौ बजे आर्किटेक्ट सुधांशु जैन की कार में आग लग गई। वह पत्नी और बेटे के साथ जा रहे थे। लपटें निकलने पर उन्होंने कार को रोक दिया। बाहर निकल आए। कुछ ही देर में कार आग का गोला बन गई। गनीमत रही कि हादसे के समय शीशे खुले थे। सेंट्रल लॉकिंग ठीक होने की वजह से सभी गेट खोलकर बाहर आ गए।
सुधांशु जैन चर्च रोड के रहने वाले हैं। वे पत्नी और बेटे के साथ कार में थे। बेटा ग्वालियर हाईवे स्थित माही इंटरनेशनल स्कूल में कक्षा 12 में पढ़ता है। उसे स्कूल छोड़ने जा रहे थे। दो किलोमीटर की दूरी पर सेंट जोंस चौराहे के पास आते ही कार के बोनट से धुआं निकला। यह देखकर वो सहम गए। कुछ ही देर में लपटें निकलने लगी।
उस समय कार का एसी बंद था। खिड़कियां भी खुली हुई थी। उन्होंने कार को रोक दिया। वह पत्नी और बेटे के साथ गेट खोलकर बाहर आ गए। कुछ ही देर में कार धू-धूकर जलने लगी। सूचना पर पुलिस और दमकल पहुंची। आधा घंटे में आग बुझाई जा सकी। आग से पूरी कार जल गई। परिवार किसी परिचित के साथ आया।
15 मिनट तक रुका रहा ट्रैफिक
एमजी रोड के एक तरफ खड़ी कार में आग लगी थी। ऐसे में पुलिस ने यातायात रोक दिया। इससे जाम लग गया। पुलिस एक तरफ से ही वाहन निकाल रही थी। कुछ वाहनों को डायवर्ट कर दिया। सुबह का समय होने की वजह से वाहन कम थे। थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि कार वर्ष 2010 के मॉडल की थी। हादसे की वजह शार्ट सर्किट हो सकती है। हालांकि जांच की जा रही है।
कार की समय-समय पर कराएं सर्विस
एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि गाड़ियों में तकनीकि कमी की वजह से आग लगने की घटनाएं होती हैं। गर्मी होने पर लोग अपने वाहनों के एसी चालू करते हैं। उन्हें चालू करने से पहले मैकेनिक से चेकअप करा लेना चाहिए। वहीं सर्विस भी कराएं।
वायरिंग में किसी तरह का शॉर्ट सर्किट हो रहा है तो उसे तुरंत सही कराना चाहिए। आग लगने पर सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम बंद हो जाता है। इससे खिड़की और दरवाजे नहीं खुलते हैं। इसलिए कार के अंदर भारी वस्तु रखें, जिससे आपात स्थिति में शीशे तोड़कर बाहर आ सकें।
ये है प्रमुख वजह
- कार का इंजन ज्यादा गर्म होने से भी आग लगती है। इसकी वजह पंखा नहीं चलना भी हो सकता है।
- कमजोर वायरिंग से शॉर्ट सर्किट होता है। शॉर्ट सर्किट से आग वाहन के अन्य हिस्से तक पहुंचकर फैल जाती है।
- आग लगने पर पेट्रोल और डीजल टैंक चपेट में आ जाते हैं। वहीं सीएनजी वाहन में सिलिंडर फटने का खतरा बना रहता है।
(गैराज संचालक जाकिर हुसैन के मुताबिक)
ये हो चुकी हैं घटनाएं
- 15 दिन पहले लायर्स कॉलोनी के मोड़ पर हुंडई कार में आग लगी थी।
- एक सप्ताह पहले ही वाटर वर्क्स पर कूड़े से भरे ट्रक में आग लगी थी।
- दिसंबर 2021 में इनर रिंग रोड पर कार में आग लग गई थी। कार में तीन लोग बच गए थे।
- एक महीने पहले शमसाबाद रोड पर डिवाइडर से टकराने के बाद कार में आग लग गई थी।