इंडियन माउंटनेरिंग फाउंडेशन (आईएमएफ) से मान्यता प्राप्त पर्वतारोही मृगेश ने बताया कि शौक हमेशा जिंदा रहे, इसलिए मार्च 2023 में एक बार फिर बर्फीली चट्टानों का सीना चीरकर चोटी पर पहुंचने की तैयारी कर रहा हूं।
ताजनगरी के पर्वतारोही मृगेश कुलश्रेष्ठ एक बार फिर पर्वत के मस्तक पर तिरंगा लहराने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने मार्च 2023 में 21 हजार मीटर ऊंची लद्दाख चोटी के शिखर पर पहुंचने की तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
इंडियन माउंटनेरिंग फाउंडेशन (आईएमएफ) से मान्यता प्राप्त पर्वतारोही मृगेश ने बताया कि शौक हमेशा जिंदा रहे, इसलिए मार्च 2023 में एक बार फिर बर्फीली चट्टानों का सीना चीरकर चोटी पर पहुंचने की तैयारी कर रहा हूं। इसके लिए एक साल की मजबूत तैयारी जरूरी है। इसलिए अभ्यास शुरू कर दिया है। 1998 में आगरा के पहले पर्वतारोहण अभियान में हनुमान टिब्बा के तीन सदस्यीय दल में मृगेश भी शामिल रहे थे।
मृगेश की उपलब्धियां:
एवलॉन्च पीक अभियान के तहत 21 हजार मीटर की कालिंदी चोटी पर पहुंचे।
. 21 हजार मीटर की लद्दाख चोटी पर फहराया तिरंगा।
. 22 हजार मीटर की सतोपंत चोटी पर पा चुके हैं सफलता।
भारत में हिमालय में किसी भी ऊंचाई की चोटी को लीड करने के लाइसेंस धारक।
स्कूलों में लगा रहे शिविर
पर्वतारोहण को बढ़ावा देने के लिए मृगेश स्कूलों में शिविर करके 500 बच्चों को प्रशिक्षित कर चुके हैं। वर्तमान में मुंबई में रेलवे में कार्यरत मृगेश के भाई मुनेश कुलश्रेष्ठ भी बच्चों को आगरा आकर प्रशिक्षण देने में साथ देते हैं। मुनेश भी पर्वतारोही है।