अमर उजाला के जीवांजलि कार्यक्रम में आईं कथावाचक एवं मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी की एक झलक पाने के लिए लोगों में आतुरता दिखी। उनके आगमन से एक घंटे पहले ही सूरसदन प्रेक्षागृह की सीटें फुल हो गईं। महिलाओं की संख्या अधिक थी। जया किशोरी को मंच पर देखते ही सूरसदन तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
जया किशोरी ने अध्यात्म से लेकर जीवन तक का मूल मंत्र लोगों को दिया। अपनी सोच बदलने और परिवार के साथ खड़े रहने की सीख दी। जीवन में बदलाव कैसे लाएं, यह बताया। तालियां बजाकर लोग उनकी बातों का समर्थन करते रहे। इसके बाद सवाल-जवाब शुरू हुए तो हर किसी ने सवालों की झड़ी लगा दी। इस पर जया किशोरी के जवाब देने के अंदाज से लोग मंत्रमुग्ध हो गए।