आगरा में डेढ़ साल की बेटी खुशी की जान लेने के लिए उसकी मां ममता घर से ही पूरी तैयारी कर निकली थी। यमुना किनारे कम लोगों को देखकर उसे पानी में डुबोया। बेटी छटपटाने लगी तो ममता ने उसकी गर्दन पर अपना पैर रख दिया, तब तक रखे रहा जब तक बेटी के शरीर में हरकत बंद नहीं हुई। ममता की एक चप्पल पानी के अंदर कीचड़ में धंसी रह गई। वह चप्पल घटनास्थल पर ही छोड़कर नंगे पैर भाग गई थी।
ये बातें पुलिस की पूछताछ में सामने आईं। बिहार की मूल निवासी ममता की शादी चांदी की चेन के कारीगर धाकरान निवासी रामू धाकड़ के साथ हुई थी। उनकी डेढ़ साल की बेटी खुशी थी। रामू ने पुलिस को बताया था कि पत्नी किसी और से फोन पर बात करती थी। पूछने पर झगड़ा करती थी। झगड़ा इतना बढ़ गया था कि पुलिस तक बात पहुंच गई थी। दो बार परिवार परामर्श केंद्र में काउंसलिंग भी हुई थी। समझौता होने के बाद साथ रह रहे थे। मगर फिर भी झगड़ा हो रहा था।
मंगलवार को ममता बेटी खुशी के साथ दवा लेने की बात कहकर घर से निकली थी। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि ममता घर से निकलने के बाद बेटी को लेकर यमुना किनारा मार्ग पहुंची। उस समय आवाजाही कम थी। अचानक उसने बेटी को नाली के पास ले जाकर उसे नाली के पानी में डुबा दिया।
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया बेटी छटपटाने लगी, उसे लग रहा था कहीं बाहर न निकल आए इसलिए उसकी गर्दन पर पैर रख दिया। इस तरह रही जिससे लगे वह खड़ी है। बेटी के हाथ-पैर हिलाने तक खड़ी रही। बाद में उसके सिर और चेहरे पर पत्थर से प्रहार किए, जिससे उसकी शिनाख्त न हो। पुलिस ने ममता की गिरफ्तारी के बाद घटनास्थल से उसकी चप्पल और हत्या में प्रयुक्त पत्थर भी बरामद किया। बृहस्पतिवार को आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।