स्टेशन पर यात्रा का सामान ढो रहीं मीनू शर्मा
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मां के लिए अपनी संतान से बढ़कर कुछ नहीं होता है। संतान के लिए मां हर विपरीत परिस्थिति का डटकर मुकाबला करती है। भले ही वो तपती धूप में रहे, लेकिन अपने बच्चों को हमेशा ठंडी छांव का अहसास कराती है। ऐसी मां हैं मीन शर्मा, जो अपने बच्चों की खातिर आज सारी दुनिया का बोझ उठाती हैं।
मीनू 12 साल से मथुरा जंक्शन पर कुली का काम कर रही हैं। इसी पैसे से घर का खर्च चलता है। बच्चों की पढ़ाई हो रही है। मीनू चाहती हैं कि उसके बच्चे पढ़-लिखकर रेलवे में बड़े अधिकारी बन जाएं। जिस दिन उसकी यह इच्छा पूरी हो जाएगी उसे भी लगेगा कि उसकी तपस्या पूरी हो गई।
मीनू की जिंदगी संघर्ष भरी है। वो यूं ही कुली नहीं बन गईं। टाउनशिप स्थित कांशीराम कॉलोनी में रहने वाली मीनू के पति योगेश बीमार रहते थे। बाईपास सर्जरी भी हो चुकी है। आज से करीब 12 साल पहले स्थिति यह हो गई थी कि परिवार के सामने बड़ा आर्थिक संकट आ गया था।