बहू की मौत पर सास को पांच साल की सजा
- जिला जज के न्यायालय में हुई मुकदमे की सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
मैनपुरी। थाना करहल क्षेत्र में तीन साल पहले हुई बहू की मौत के मामले में जिला जज सुधीर कुमार ने सास को दोषी पाया है। बहू को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप साबित होने पर सास को पांच साल की सजा सुनाकर उस पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
थाना करहल के मढापुर के रहने वाले ओमपाल करहल के मोहल्ला काजी में रहते हैं। शादी 9 दिसंबर 2020 को ऊषा निवासी भाईपुर थाना बिधूना जिला औरैया के साथ हुई थी। ऊषा की 14 मई 2021 को सैफई अस्पताल में मौत हो गई। ऊषा के भाई शिव नारायण ने अपने बहनोई ओमपाल तथा सास कुसुमादेवी के खिलाफ दहेज की खातिर ऊषा की हत्या करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करने के बाद दोनों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई जिला जज सुधीर कुमार की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर सास कुसुमादेवी को दहेज की खातिर बहू ऊषा को आत्महत्या के लिए उकसाने का दोषी पाया गया। डीजीसी फौजदारी पुष्पेंद्र चौहान ने सास कुसुमादेवी को कड़ी सजा देने की दलील दी। जिला जज सुधीर कुमार ने कुसुमादेवी को पांच साल की सजा सुनाकर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
पति को आरोप से बरी किया
दहेज की खातिर ऊषा की हत्या करने तथा आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप पति ओमपाल के खिलाफ साबित नहीं हो सका। ओमपाल के खिलाफ गवाही नहीं आने पर पति ओमपाल को आरोप से बरी कर दिया गया। ऊषा के भाई शिव नारायण ने सास कुसुमादेवी सहित पति ओमपाल के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। लेकिन गवाही देने वाले गवाह अपनी गवाही में ओमपाल के खिलाफ आरोप साबित नहीं कर सके।