उधर, केंद्र पर काउंसिलिंग के लिए बहू को भी बुलाया गया था। आरोप था कि पति मां के कहने पर चलता है। उसकी कोई बात नहीं मानता है। इस पर काउंसलर ने बेटे को बुलाया, लेकिन वह नहीं आया। अब दोनों पक्षों को परिवार के अन्य लोगों के साथ बुलाया गया है। मां को बेटे के साथ आने के लिए कहा है।
आठ मामलों में समझौता हुआ
परामर्श केंद्र प्रभारी कमर सुल्ताना ने बताया कि रविवार को केंद्र पर 15 जोड़े उपस्थित हुए थे, जिनमें से आठ जोड़ों की काउंसिलिंग कर सुलह कराई गई। तीन मामलों में पति ने शिकायत की थी। इसमें एक पति ने कहा कि उसकी पत्नी खाना नहीं बनाती है। इसके अलावा दो ने पत्नी के मायके वालों पर धमकी देने का आरोप लगाया।
चार मामले पत्नी की शिकायत के थे। किसी ने पति के शराब पीकर मारपीट और घर का खर्च नहीं देने की शिकायत थी तो किसी की इलाज नहीं कराने की शिकायत थी। वहीं एक मामले में पिता ने बेटी के उत्पीड़न की शिकायत की थी। सभी सुलह होने के बाद घर चले गए।