मैनपुरी। थाना घिरोर क्षेत्र के गांव नगला केहरी के रहने वाले युवक की संदिग्ध परिस्थिति में हुई मौत का सदमा मां नहीं सह सकी। सोमवार की सुबह घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। महज 24 घंटे में मां-बेटे की मौत के बाद घर में मातम छाया हुआ है। घिरोर पुलिस ने महिला के शव का सोमवार को पोस्टमार्टम कराया।
कस्बा घिरोर के नगला केहरी निवासी रामदेवी (55) अपने छोटे बेटे पिंटू के साथ गांव स्थित घर में रह रही थीं। पिंटू ऑटो चलाकर अपना और मां का भरण कर रहा था। मां-बेटे के बीच अपार प्रेम था। रामदेवी का बड़ा बेटा राजस्थान में ट्रक चालक है। वहीं पर परिवार के साथ रह रहा है। गांव में रविवार को सुबह पिंटू की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। परिजन ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बेटे की मौत के बाद से रामदेवी सदमे में थीं। बेटे के अंतिम संस्कार के बाद देर रात को किसी समय रामदेवी ने घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी।
सोमवार की सुबह करीब 4 बजे ग्रामीणों की इस बारे में जानकारी हुई तो घर में भीड़ एकत्र हो गई। सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह ने बताया कि मौत की वजह जानने के लिए महिला के शव का पोस्टमार्टम कराया है। महज 24 घंटे में मां-बेटे की मौत के बाद घर में मातम छाया हुआ है। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है।