फिरोजाबाद में विद्युत निगम की टीम के द्वारा अभियान चलाकर जांच करने के बाद भी बिजली की चोरी नहीं थम रही है। कटियाबाज (बिजली की चोरी करने वाले) निगम को अपनी हरकतों से राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं। विद्युत निगम के अफसरों की मानें तो शहर में कुल लगे 68 फीडर में सबसे ज्यादा लाइनलॉस/बिजली चोरी (एग्रीगेट टेक्निकल एंड कॉमर्शियल लॉस) अजमेरी गेट फीडर पर 75.89 फीसदी है। वहीं शहर में दुर्गा नगर फीडर पर कम लाइनलॉस है।
शहरी क्षेत्र में 92 हजार विद्युत कनेक्शन हैं। इसमें करीब 13 लाख यूनिट प्रतिदिन विद्युत खपत हो रही है। इसके मुताबिक महज 7.5 लाख यूनिट का राजस्व मिल पा रहा है। विद्युत चोरी रोकने और समय से राजस्व प्राप्त करने के लिए शासन ने हाईलाइन लॉस फीडर वाले इलाकों में 20 हजार स्मार्ट मीटर विभाग की तरफ से लगवाए गए। यह व्यवस्था भी विद्युत चोरी करने वाले उपभोक्ताओं के आगे फेल साबित हुई।
करीब एक माह से चल रहे चेकिंग अभियान के बाद भी लाइन लॉस नहीं घटा है। बाईपास, रामगढ़, दखल, कश्मीरी गेट, बोधाश्रम, शीतल खां, बजरंग बाटिका , जाटवपुरी, मोहम्मदपुर फीडर विद्युत विभाग को सबसे ज्यादा राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इन फीडरों पर जितनी बिजली दी जा रही है, उतना बिल वसूल नहीं हो पा रहा है। शहर में सबसे कम विद्युत चोरी और समय से बिल का भुगतान जमा करने वालों की बात करें तो दुर्गा नगर के अलावा ककरऊ कोठी, परशुराम कॉलोनी, जलेसर रोड, सुहागनगर आदि फीडर से जुड़े क्षेत्र इस मामले में बेहतर हैं।
एक्सईएन आरपी वर्मा ने बताया कि डेढ़ माह से लगातार चल रहे विद्युत चेकिंग अभियान में शहरी क्षेत्र में 800 बिजली चोरों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत हो चुका है। इसके बाद भी लाइनलॉस घटा नहीं हैं। टीम के जाने के बाद फिर से लोग अवैध कटिया को डालकर विद्युत चोरी करते हैं।
- अजमेरी गेट
विद्युत निगम के एक्सईएन आरपी वर्मा ने बताया कि विद्युत चोरी को रोकने के लिए हमारी टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। इन उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा रहे हैं। लोगों को जुर्माना भी देना पड़ रहा है। इसके बाद भी लोग विद्युत चोरी से बाज नहीं आ रहे हैं। यह अभियान नियमित चलेगा। पूरे शहर में करीब 43 फीसदी से अधिक एग्रीगेट टेक्निकल एंड कॉमर्शियल हानि हो रही है। विद्युत चोरी करने के साथ ही उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर रहे हैं।