डेंगू से निपटने के लिए मरीजाें के रक्त के नमूनाें पर स्टडी होगी। एसएन मेडिकल कालेज सोशल प्रिवेंटिव मेडिसिन विभाग(एसपीएम) और जिला मलेरिया विभाग के चिकित्सक प्रभावित क्षेत्राें के मरीजों का विवरण जुटा रहे हैं।
आगरा में अभी तक ढाई सौ से अधिक डेंगू के संदिग्ध मामले आए हैं। 16 में पुष्टि भी हो चुकी है। एसएन की माइक्रो बायोलॉजी लैब में आगरा समेत एटा, मैनपुरी, फीरोजाबाद, मथुरा के सर्वाधिक मरीजों के सैंपल मौजूद हैं। इनमें से गंभीर मरीजों की सूची बनाकर इनकी उम्र, बीमारी के लक्षण और उनके संबंधित क्षेत्र का विवरण तैयार किया जाएगा। रिपोर्ट तैयार कर इन क्षेत्राें में बीमारी से निपटने को पहले ही इंतजाम कर लिए जाएंगे। प्राचार्य डा. एसके गर्ग ने बताया कि सर्वाधिक मरीजों वाले क्षेत्राें में डाक्टराें की टीम दौरा डेंगू से बचाव को जागरूक करेगी। समय रहते प्रशासन से फॉगिंग भी करा दी जाएगी, जिससे काफी हद तक इससे बचा जा सकेगा।
डेंगू के दो संदिग्ध मरीजों की मौत
फतेहपुर सीकरी/ फतेहाबाद। सीकरी के गांव मंडीगुड़ निवासी 40 वर्षीय मजदूर कुक्कू वाल्मीकि ने शनिवार को दम तोड़ दिया। परिजन नरेश ने बताया कि कुक्कू को बुधवार से बुखार था और शरीर में दर्द भी। पास ही के डाक्टर से दवा लेने पर भी आराम नहीं मिला। शनिवार को आगरा में निजी हास्पिटल में इलाज कराया, जहां दवा देकर घर आराम करने को कहा। देर शाम कुक्कू की मौत हो गई। नरेश ने बताया कि डाक्टराें ने डेंगू की संभावना बताई थी।
वहीं, कुण्डौल में बुखार की चपेट में आए एक 12 वर्षीय बालक की शनिवार रात मौत हो गई। छोटेलाल के पुत्र आशीष को शुक्रवार को बुखार हो गया। शनिवार को परिवारीजनों ने गांव में ही एक झोलाछाप से उपचार कराया। वहां रात को उसकी मौत हो गई। क्षेत्र के नगला भोला में भी ग्रामीण बुखार की चपेट में है।