ताजनगरी में सबसे ज्यादा वाहन चोरी जिस थाने में दर्ज होती है, वो है हरीपर्वत और यहां जिस जगह के केस सबसे ज्यादा आते हैं, वो संजय प्लेस है। हरीपर्वत में एक साल में 600 से 700 केस दर्ज हो जाते हैं जबकि इनमें से 500 से 550 संजय प्लेस के होते हैं। वाहन चोरों के सबसे ज्यादा गिरोह भी इसी इलाके में सक्रिय हैं।
2019 में पूरे जिले में वाहन चोरी का आंकड़ा 1840 रहा। 2018 में यह 2015 और 2017 में 2120 था। हरीपर्वत में 2017 में 620 और 2018 में 550 केस दर्ज किए गए। 2019 में इनकी संख्या 490 रही।
अगर पिछले पांच सालों का औसत देखा जाए तो 365 दिनों में 550 वाहन चोरी हो रहे हैं संजय प्लेस से। इनमें मोटरसाइकिल, स्कूटी, स्कूटर और कारें शामिल हैं। वाहन चोरी में जिले में दूसरे नंबर पर न्यू आगरा थाना है।
ज्यादातर सड़क पर खड़े होते हैं वाहन
इसका कारण यह है कि संजय प्लेस में ही सबसे ज्यादा वाहन सड़क पर खड़े किए जाते हैं। चोर इसका फायदा उठाते हैं। दूसरा यहां बड़ी संख्या में बाहर से लोग आते हैं। वे एक स्थान पर वाहन खड़ा करके खरीदारी आदि काम के लिए चले जाते हैं। इससे चोरों को चोरी के लिए समय बहुत मिल जाता है।
तीसरा, यहां 10 रास्ते हैं। चोर वाहन उठाकर किसी भी रास्ते से निकल जाते हैं। रास्ते ज्यादा होने के कारण पुलिस चेकिंग में भी मुश्किल होती है, क्योंकि स्टाफ ज्यादा चाहिए।
सूट-बूट में आते हैं वाहन चोर
संजय प्लेस में धौलपुर, भरतपुर, राजाखेड़ा, मथुरा, फिरोजाबाद, हाथरस, खेरागढ़ के वाहन चोर गिरोह सक्रिय हैं। हरीपर्वत थाना के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि सबसे हर दूसरे महीने एक न एक गिरोह पकड़ा जाता है। वाहन चोर नई-नई तरकीब निकालते हैं। ऐसे भी वाहन चोर पकड़े गए हैं जो सूट-बूट में आते हैं ताकि कोई उन पर शक न कर सके।
अपना वाहन पास में खड़ा कर दूसरा चोरी कर लेते हैं
वाहन चोर स्कूटी, स्कूटर या बाइक पर आते हैं। एक पर दो होते हैं। ज्यादातर ऐसा होता है कि अगर स्कूटी पर आए हैं तो स्कूटी ही चोरी करेंगे। इसके लिए जो स्कूटी चोरी करनी हो, उसके बराबर में अपनी खड़ी करते हैं।
फिर एक चोर अपनी छोड़कर दूसरी स्कूटी ले जाता है। अगर इस बीच स्कूटी स्वामी आ जाए तो कह देते हैं कि धोखे से चाबी आपकी स्कूटी में लगा दी। अगर न आए तो एक चोर उसकी ले जाता है, दूसरा अपनी वाली उठा ले जाता है।
दर्ज हो चुके चौथ वसूली के केस
संजय प्लेस में इन दिनों विवाद नगर निगम की पार्किंग का ठेका दिए जाने का है। व्यापारी कह रहे हैं कि मामला कोर्ट में है, तो ठेका नहीं दिया जाना चाहिए था। इससे पहले भी यहां विवाद रहा है ।दो साल पहले बड़ी संख्या में अवैध पार्किंग खोल दी गई थीं।
शिकायत तत्कालीन एसएसपी अमित पाठक के पास पहुंची थी। उन्होंने तत्कालीन एसपी सिटी कुंवर अनुपम सिंह को जांच दी। अनुपम ने अवैध पार्किंग ठेकेदारों के खिलाफ चौथ वसूली के केस दर्ज करा दिए थे। पार्किंग बंद करा दी गई थीं।
500 रुपये है जुर्माना
नो पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने पर 500 रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। संजय प्लेस में नो पार्किंग जोन में ही सबसे ज्यादा वाहन खड़े किए जा रहे हैं। सड़क पर पुलिस ने नो पार्किंग के बोर्ड भी लगाए हैं। इसके बावजूद यहां वाहन खड़े किए जा रहे हैं। नगर निगम ने पार्किंग के ठेकेजरूर दिए हैं लेकिन सभी वाहन इनमें खड़े नहीं किए जा रहे हैं।