फर्जी शिक्षकों की भर्ती के मामले में प्रदेश भर की सुर्खियां बनने वाले मथुरा जनपद में अभी भी 100 से ज्यादा फर्जी शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। शासन की एसआईटी ने भी एक सूची शिक्षा विभाग को दी थी, जिनके दस्तावेज चेक करने को कहा गया था। लेकिन विभाग ने इस सूची के आधार पर कोई जांच अभी तक नहीं की है। इस पूरे गोलमाल को ही दबाने की कोशिश की जा रही है। यह शिक्षक हर माह वेतन ले रहे हैं। माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के बाद फिर जांच शुरू हो सकती है।
शासन द्वारा गठित की गई एसआईटी ने प्रदेश भर में 4700 फर्जी बीएड डिग्री धारक शिक्षकों की सूची तैयार की थी। इस सूची को उन जिलों में भेजा गया, जहां सबसे ज्यादा गोलमाल के मामले सामने आ चुके हैं। एसआईटी ने संभावना व्यक्त करते हुए कहा था कि इस सूची में जो नाम हैं उनमें से 100 से ज्यादा शिक्षक मथुरा में नौकरी कर रहे हैं। इनके दस्तावेज चेक किए जाएं।
जनवरी माह में शिक्षा विभाग के अफसरों को यह सूची दी गई थी। सीडी के माध्यम से सूची भेजी गई थी। लेकिन अभी तक इस सूची पर कोई काम नहीं किया गया है। जबकि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने 15 जनवरी तक ये प्रक्रिया पूरी करते हुए 30 जनवरी तक संबंधित फर्जी शिक्षकों के नाम और कार्रवाई की रिपोर्ट मुख्यालय को भेजने को कहा था, लेकिन संपूर्ण कार्रवाई पर पर्दा डाल दिया गया है।