आगरा में मूंग खरीद केंद्र शुरू होने के बाद भी किसानों को राहत नहीं मिल रही है। कई केंद्रों पर बारदाना और पीओपी मशीनों की समस्या के कारण किसान अपनी फसल एमएसपी पर बेचने के लिए भटक रहे हैं।
22 दिन देरी से मूंग क्रय केंद्र खोलने के बाद भी केंद्रों पर अधूरे इंतजाम हैं। अभी 9 में से 4 केंद्रों पर ही नाम मात्र की खरीद हुई है। किसी केंद्र पर बारदाना नहीं है, तो किसी पर पीओपी मशीन काम नहीं कर रही है। किसान अपनी फसल नहीं बेच पा रहे हैं।
निदेशालय से 25 जून से 22 सितंबर तक मूंग खरीद करने के लिए दी गई है। इसके लिए नौ खरीद केंद्रों का प्रस्ताव सहकारिता विभाग द्वारा बनाया गया। 22वें दिन 16 जुलाई को छह केंद्र खोले गए। तीन केंद्रों पर अभी नहीं खोले गए हैं। इन छह केंद्रों में से भी चार पर ही खरीद शुरू हुई है, जिनमें सहकारी संघ डाबर, नवीन मंडी आगरा के दो केंद्र और सहकारी संघ जगनेर पर मात्र 23.95 टन मूंग की खरीद हुई है। हाल यह है कि डाबर मंडी में बारदाना नहीं है। नवीन मंडी आगरा का एक केंद्र बंद रहता है। दूसरे पर थोड़ी सी खरीद हुई है पर पीओपी में दिक्कत होने से खरीद नहीं हो पाई है। जगनेर और बरौली अहीर मंडी में बारदाना तक नहीं उपलब्ध है।
किसान उदयवीर सिंह ने बताया कि बड़ी मुश्किल से कीट लगने से बचाकर मूंग को एमएसपी के इंतजार में रखा है लेकिन नवीन मंडी में गया है वहां पीओपी मशीन काम नहीं कर रही है। वहीं किसान महेंद्र सिंह का कहना है कि बाजार में मूंग के अच्छे दाम नहीं मिले तो घर पर भंडारित कर ली। तीन दिन से केंद्र पर जा रहा हूं। वहां बारदाना न होने के कारण मूंग खरीद नहीं हो रही है।
सहकारिता एआर सतीश कुमार ने बताया कि छह केंद्र खोल दिए हैं। पीओपी मशीन में कुछ समस्या आ रही हैं उन्हें दूर किया जा रहा है। जिन केंद्रों पर बारदाने की समस्या है जल्द दूर की जाएगी। किसान धैर्य रखें सभी की फसल खरीदी जाएगी।